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काम करने को तैयार है अपॉर्चुनिटी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के दूसरे रोबोट वाहन अपॉर्चुनिटी ने मंगल ग्रह पर अपने उपकरण खोल लिए हैं और अब वह काम करने को तैयार है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अब वे रोवर को संकेत दे सकते हैं कि वह अब चट्टानी मैदान पर निकले और कुछ 'हाई-रिशोल्यूशन' तस्वीरें भेजे. नासा ने अपॉर्चुनिटी की भेजी हुई पहली 360 डिग्री वाली तस्वीर भी जारी की है. यह तस्वीर उसी जगह की है जहाँ इस समय अपॉर्चुनिटी है या जहाँ वह उतरा था. इससे पहले 11 दिन काम बंद रहने के बाद पहले रोवर स्पिरिट ने भी काम करना शुरु कर दिया था. रोवर के वैज्ञानिकों का दल इस बात को लेकर प्रसन्न है कि जहाँ अपॉर्चुनिटी उतरा है वहाँ उसी तरह की सतहें दिखाई देती हैं जिस तरह की पृथ्वी पर हैं. उनका कहना है कि ऐसी सतहें पानी की उपस्थिति से बनती हैं. अपॉर्चुनिटी में लगे उपकरण यह पता लगा सकते हैं कि वहाँ जो चट्टानें हैं वे पानी के कारण बनी हैं या सिर्फ़ ज्वालामुखी से निकले अवशेष का हिस्सा हैं. रोवर अपॉर्चुनिटी में लगे माइक्रोस्कोप यह बता सकते हैं कि मंगल ग्रह की सतह पर मिट्टी की बनावट कैसी है. ये माइक्रोस्कोप आदमी के बाल जितने बारीक बनावटों का भी अध्ययन कर सकते हैं. अपॉर्चुनिटी के स्पेक्ट्रोमीटर ये पता सकते हैं कि वहाँ मौजूद खनिजों में लोहा है या नहीं. |
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