'कृत्रिम रेटीना' से देख सकेंगे सूक्ष्म कण

आंख

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    • Author, मेलिसा होगनबूम
    • पदनाम, साइंस रिपोर्टर, बीबीसी रेडियो साइंस

वैज्ञानिकों ने इंसान की आंख की तर्ज पर एक 'कृत्रिम रेटीना' तैयार किया है. यह एक ऐसा प्रोसेसर है जो सूक्ष्ण कणों के टकराव को अभी की तुलना में 400 गुणा तेज़ गति से विश्लेषण कर सकता हैं.

इन टकरावों में प्रोटोन प्रकाश की गति के साथ एक दूसरे के साथ टकराते हैं.

ये शक्तिशाली टकराव नए कणों को जन्म देती हैं जिससे वैज्ञानिकों को पदार्थ और एंटीमैटर की प्रवृति को समझने में मदद मिलती है.

प्रायोगिक स्तर पर इस्तेमाल किए गए इस प्रोसेसर की मदद से देखा गया कि टकराव से उत्पन्न प्रभावों को यह तेज़ गति से पकड़ता है.

लार्ज हैडरॉन कॉलिडर

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इमेज कैप्शन, संभव है कि इसका इस्तेमाल 2020 में लार्ज हैडरॉन कॉलिडर प्रयोग में किया जाए.

संभव है कि इसका इस्तेमाल 2020 में लार्ज हैडरॉन कॉलिडर प्रयोग में किया जाए.

इसका इस्तेमाल हर उस क्षेत्र में किया जा सकता है जहां कुशल और तेज़ गति के आकलन की ज़रूरत होगी.

ये प्रोसेसर बिल्कुल वैसे ही काम करता है जैसे रेटिना की क्षमता किसी भी स्वरूप को जल्दी से जल्दी पहचानने की होती है.

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