इबोला: टीके का मानवों पर परीक्षण शुरू

इबोला की दवा का परीक्षण

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ब्रिटेन के ऑक्सफ़ोर्ड में इबोला की प्रायोगिक दवा वाले टीके का मानवों पर परीक्षण शुरू हो गया है.

जानवरों पर सफल परीक्षण के बाद जानलेवा इबोला से लड़ने वाला टीका 60 स्वस्थ स्वयंसेवकों को लगाया जा रहा है.

इसमें वॉयरस का बहुत कम जेनेटिक पदार्थ शामिल किया गया है ताकि जिन लोगों पर ये परीक्षण किया जा रहा है वो बीमार न हों.

आमतौर पर किसी भी दवा के इस्तेमाल से पहले कई वर्षों तक 'क्लिनिकल ट्रॉयल' किए जाते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पश्चिमी अफ़्रीका के चार देशों में इबोला से इसी साल 2461 लोग मारे गए हैं.

तेज़ी से फैल रहे इबोला वॉयरस के कारण इस दवा के आपात स्थिति में बेहद तेज़ी से परीक्षण किए जा रहे हैं.

इबोला की दवा

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साल के अंत तक टीका तैयार

अगर परीक्षण सफल रहे तो इसे इबोला प्रभावित इलाक़ो में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जा सकेगा और इस साल के अंत तक ये दवा उपलब्ध हो जाएगी.

तब तक क़रीब दस हज़ार डोज़ (खुराक) बनाए जा सकेंगे.

दवा कंपनी ग्लेक्सोस्मिथक्लाइन और अमरीका का राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान इस दवा को विकसित कर रहे हैं.

इसी महीने इस दवा के जानवरों पर किए गए परीक्षण उत्साहवर्धक रहे हैं.

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