जब आपका हाथ आप पर हमला करने लगे...

केरन बायर्न
इमेज कैप्शन, एलियन हैंड सिंड्रोम में आपके हाथ पाँव पर नियंत्रण नहीं रहता

ज़रा सोचिए अगर आपका ही एक हाथ आपको लगातार थप्पड़ मारे या मुक्का तो आपको कैसा लगेगा.

या फिर आप एक दुकान में दाएँ जाना चाहें और आपकी एक टांग बाएँ मुड़ जाए. और आप गोल गोल घूमते ही रह जाएं.

पिछली गर्मियों में डॉ माइकल मोसली की मुलाक़ात 55 साल की कैरन बायर्न से हुई. कैरन एलियन हैन्ड सिंड्रोम से पीड़ित हैं.

उनका बायाँ हाथ और कभी-कभी बायाँ पैर कई बार ऐसे व्यवहार करते हैं कि जैसे किसी एलियन ने उनके शरीर पर कब्ज़ा कर लिया हो.

कैरन की स्थिति दिलचस्प है, केवल इसलिए नहीं क्योंकि ये इतनी अजीब हैं पर इसलिए भी क्योंकि ये बताता है कि हमारा दिमाग़ कैसे काम करता है.

रोग की शुरुआत

ये सब तब शुरु हुआ जब कैरन ने मिर्गी के अपने दौरों को रोकने के लिए 27 साल की उमर में सर्जरी कराई. वे 10 साल की उम्र से मिर्गी से पीड़ित थीं.

मिर्गी के इलाज की सर्जरी में मस्तिष्क के उस भाग को निकाल लिया जाता है जहाँ से विकृत बिजली की तरंगे निकलती हैं.

जब ये इलाज कारगर सिद्ध नहीं होता या फिर दिमाग़ के पीड़ित इलाक़े की पहचान नहीं हो पाती तब इलाज में कुछ और जटिल क़दम उठाए जाते हैं.

कैरन के मामले में उनके सर्जन ने उनका कोर्पस कोलोसम निकाल दिया. ये दिमाग़ की वो कोशिकाएं है जो मस्तिष्क के दोनो हिस्सों को जोड़ कर रखती हैं.

ऐसा करने से कैरन की मिर्गी तो ठीक हो गई पर उन्हें एक नई समस्या दे गई, शुरु में सब कुछ सामान्य था फिर उनके डॉक्टरों ने अजीब व्यवहार देखा.

कैरन के डॉक्टर ने उनसे कहा, "कैरन, तुम क्या कर रही हो. तुम्हारा हाथ तुम्हारे कपड़े उतार रहा है".

कैरन बताती हैं, "जब तक उन्होंने ऐसा नहीं कहा मुझे पता ही नहीं था कि मेरा बाँया हाथ मेरे शर्ट के बटन खोल रहा था".

वह कहती हैं, “तो मैंने अपने दाँए हाथ से अपने बटन लगाने शुरु कर दिए. जैसे ही मैं रुकी, मेरा बाँया हाथ फिर बटन खोलने लगा. तो डॉ ओकौनर ने अपने एक सहयोगी को फोन कर के कहा ‘माइक तुम्हे फौरन यहाँ आना पड़ेगा, हमारे सामने एक समस्या आ गई है’.”

नियंत्रण के बाहर

केरन बताती हैं, “मैं सिगरेट जलाती हूँ, उसे ऐश ट्रे पर रखती हूँ और मेरा बाँया हाथ उसे मसलकर बुझा देता है. उसने मेरे पर्स से सामान निकाल लिया, मुझे पता ही नहीं चला और मैं चल दी. जब तक मुझे पता चला मेरी कई चीज़े खो चुकी थीं.”

कैरन की तकलीफ़ ये थी कि उनके सिर के अंदर सत्ता संघर्ष चल रहा है. एक सामान्य मस्तिष्क में दो हिस्से होते हैं जो कोरपस कोलोसम से जुड़ते हैं.

बायाँ हिस्सा आपके दाएँ हाथ और पैर पर नियंत्रण रखता है और इसी हिस्से से भाषा की कला आती है. दायाँ हिस्सा, बाएँ हाथ और पैर पर नियंत्रण रखता है. इससे आप अपने आसपास को समझ पाते हैं और पैटर्न आदि पहचानते हैं.

आम तौर पर हमारे दिमाग़ का बायाँ हिस्सा हावी रहता है और हमारे क्रियाकलापों में उसकी अहम भूमिका रहती है.

कैरन का दुर्भाग्य था कि उसके ऑपरेशन के बाद उसके दिमाग़ के दाएँ हिस्से ने, बाएँ हिस्से की बात मानने से मना कर दिया है.

वे एलियन हैन्ड सिंड्रोम से 18 साल तक पीड़ित रही हैं, पर कैरन के लिए अच्छी बात ये है कि उनकी बीमारी की दवाई मिल गई है जिसने उसके दिमाग़ के दाएँ भाग को फिर किसी तरह के नियंत्रण में ले लिया है.

डॉ मोसली कहते हैं, "फिर भी उन्हें अलविदा कहने के लिए मैने ऐहतियातन उनके दोनों हाथ मिलाए".