मौसम विभाग शराब न पीने की चेतावनी क्यों दे रहा है?

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, अनंत प्रकाश
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाक़ों में बुधवार से लेकर अगले कुछ दिनों तक शीत लहर चलने और तापमान काफ़ी कम रहने की सूचना दी है.
इन इलाक़ों में दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ शामिल हैं जहां बीते कुछ दिनों से तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है.
इसके साथ ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसा करने पर हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
हाइपोथर्मिया होने पर आपका शरीर एक असामान्य रूप से कम तापमान पर पहुंचने के बाद काम करना बंद कर देता है. वहीं, फ्रॉस्टबाइट यानी ठंड से शरीर के कुछ हिस्से जैसे कि पैर की उंगलियां, हाथों की उंगलियां, चेहरा और पलकें आदि सुन्न हो सकती हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
मौसम विभाग की ख़ास चेतावनी
मौसम विभाग ने अपनी निर्देशिका में शराब नहीं पीने की सलाह भी दी है. क्योंकि मौसम विभाग के मुताबिक़, शराब पीने से शरीर का तापमान गिरता है.
बीबीसी ने इस बारे में भारतीय मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव से बात करके ऐसी चेतावनी जारी करने की वजह पूछी.
श्रीवास्तव बताते हैं, “दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अभी शीत लहर की समस्या चल रही है. ऐसे में तापमान चार डिग्री या उससे कम दर्ज किया जा रहा है. इस स्थिति में आपको सुबह के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. वहीं, अगर सफ़र कर रहे हैं तो सुबह के समय धुंध की वजह से विज़िबिलिटी भी कम रहती है. ऐसे में फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और गाड़ियां धीमे चलाएं. और इस दौरान शराब न पिएं क्योंकि वो शरीर का तापमान और गिराता है.”

इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images
शराब न पीने की चेतावनी क्यों?
मौसम विभाग इससे पहले 25 तारीख़ को जारी अपनी निर्देशिका में भी शराब न पीने की हिदायत दे चुका है.
ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर मौसम विभाग ऐसी चेतावनी क्यों दे रहा है.
बीबीसी ने जब ये सवाल पूछा तो कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया, “इस पहलू पर मेडिकल क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शोध किया है. और उसके आधार पर ही आईएमडी ये चेतावनी जारी कर रहा है.”

इमेज स्रोत, DIBYANGSHU SARKAR/AFP via Getty Images
दुनिया में कई मुल्क ऐसे हैं जहां तापमान बेहद कम मतलब दस डिग्री से लेकर माइनस बीस से तीस डिग्री के बीच रहता है लेकिन वहां शराब का उपभोग कहीं ज़्यादा रहता है. इनमें रूस, बेलारूस और लिथुआनिया जैसे देश आते हैं जहां तामपान बेहद कम रहता है. ये देश दुनिया में शराब उपभोग के मामले में सबसे ऊपर हैं.
इसके साथ ही एक आम धारणा ये है कि शराब पीने से शरीर में गर्माहट आती है.
ऐसे में सवाल उठता है कि आईएमडी की इस चेतावनी में कितना दम है कि सर्दियों में शराब पीने से बचना चाहिए.
बीबीसी ने इस मामले की तह में जाने के लिए मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों से बात की ताकि ये समझा जा सके कि सर्दियों में शराब पीने पर आपके शरीर में क्या होता है.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 1
क्या कहता है विज्ञान?
इंसानी शरीर का मूल तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है. लेकिन जब आपके आसपास का तापमान घटने लगता है तो शरीर ऊर्जा का इस्तेमाल अपने मूल तापमान को बनाए रखने के लिए करता है.
लेकिन जब शरीर का तापमान तय सीमा से नीचे गिरने लगता है तो आप हाइपोथर्मिया के शिकार होते हैं.
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक़, दिल्ली एनसीआर, पंजाब, हरियाणा में इस वक़्त जो तापमान है, उसमें ज़्यादा देर तक रहने पर हाइपोथर्मिया के शिकार हो सकते हैं.
सरल शब्दों में कहें तो जब शरीर का कोर टेंपरेचर एक सीमा से ज़्यादा गिरने लगता है तो आप हाइपोथर्मिया के शिकार होने लगते हैं.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 2
अब बात करते हैं कि कम तापमान वाली जगह पर शराब पीने का शरीर पर क्या असर पड़ता है.
दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल की सीएमओ डॉ ऋतु सक्सेना शराब और सर्दी के कनेक्शन को कुछ इस तरह समझाती हैं.
वो कहती हैं, “जब आप शराब पीते हैं तो शराब के आपके शरीर में जाने के बाद वेजो डायलेशन होता है. इसकी वजह से आपके हाथ, पैरों की रक्त वाहिकाओं का विस्तार होता है, उनमें पहले से ज़्यादा खून का प्रवाह होने लगता है. इसकी वजह से आपको गर्माहट का अहसास होता है. इसीलिए लोगों को लगता है कि पश्चिमी देशों में लोग शराब इसलिए ज़्यादा पीते हैं, क्योंकि वहां ठंड ज़्यादा पड़ती है."
"लेकिन असल में शराब की वजह से हाथ पैरों में खून की मात्रा बढ़ती है तो ऐसा लगता है कि गर्मी लग रही है. इस अहसास के आधार पर ही लोग सर्दियों के कपड़े जैसे मफ़लर, जैकेट, हैट, स्वेटर आदि उतार देते हैं. लेकिन जब वे ऐसा कर रहे होते हैं तभी उनकी बॉडी का कोर टेंपरेचर गिर रहा होता है. और हमें उस बारे में जानकारी नहीं मिलती है जो कि हमारे शरीर के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकता है.”
लेकिन अगर शराब से गर्मी पैदा नहीं होती है तो गर्माहट लगती क्यों है.

इमेज स्रोत, Reuters
मैक्स हेल्थकेयर में इंटरनल मेडिसिन विभाग में सह निदेशक, डॉ. रोमेल टिक्कू इस गुत्थी को सुलझाते हुए कहते हैं, “अक्सर आपने देखा होगा कि जो लोग ज़्यादा शराब पीते हैं, उनका चेहरा लाल-लाल सा रहता है. क्योंकि शराब की वजह से उनके बाहरी अंगों जैसे कि चेहरे, हाथ, पैर की रक्त धमनियों में ख़ून का प्रवाह बढ़ जाता है. इससे गर्मी लगती है क्योंकि ख़ून शरीर के आंतरिक हिस्सों से बाहर की ओर जाता है जिससे कोर बॉडी टेंपरेचर कम हो रहा होता है."
"इसलिए, ठंड के मौसम में जब आप शराब पीते हैं, और ज़्यादा पीते हैं तो आपके शरीर का कोर बॉडी टेंपरेचर कम होता जाता है. खून का प्रवाह बढ़ने से आपके शरीर में पसीना आता है जिससे शरीर का तापमान और कम होता जाता है. ऐसे में ठंड के मौसम में अगर आप शराब पीते हैं तो आपको दिक्कत हो सकती है.”
अब सवाल ये उठता है कि क्या सर्दियों के मौसम में शराब पीने से आपकी जान जा सकती है?

इमेज स्रोत, Hindustan Times
जानलेवा हो सकती है शराब?
डॉ. ऋतु सक्सेना की मानें तो सर्दियों के मौसम में शराब पीने और ज़्यादा शराब पीने से आपकी जान भी जा सकती है.
वो कहती हैं, “अगर सर्दियों में आपने बहुत ज़्यादा शराब पी ली तो सबसे पहली बात ये होगी कि आप ठीक से कपड़े नहीं पहनेंगे. शराब की वजह से आपके दिमाग़ पर जो असर होगा, उससे ये होगा कि आपको पता नहीं चलेगा कि आप किस हालत में हैं. और इसी स्थिति में जब आपके शरीर का कोर टेंपरेचर 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाता रहेगा तो धीरे-धीरे हाइपोथर्मिया का असर दिखना शुरू हो जाएगा. हाइपोथर्मिया से व्यक्ति कोमा में जा सकता है और उसकी जान भी जा सकती है.”
वहीं, अगर उन मुल्कों की बात की जाए जहां कम तापमान है और शराब ज़्यादा पीने का चलन है तो रूस ऐसे ही देशों में से एक है.
और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च कहती है कि रूस में जहां वोदका का सेवन काफ़ी सामान्य है, वहां शराब के अधिक उपभोग की वजह से जीवन प्रत्याशा में कमी आई है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














