कोरोना वायरस के चलते अंटार्कटिका में चल रहे अहम वैज्ञानिक प्रयोग थमे

कोरोना वायरस - अंटार्कटिक

इमेज स्रोत, BAS

    • Author, जोनाथन एमोस
    • पदनाम, बीबीसी विज्ञान संवाददाता

दक्षिणी ध्रुव पर ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे ने कोरोना वायरस की वजह से शोध कार्य में कटौती करने का फ़ैसला लिया है. सिर्फ़ बहुत ज़रूरी टीमें ही वहाँ रुकी रहेंगी. वहाँ के सुदूर इलाक़ों में होने वाले सभी शोध कार्य एक साल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं.

इसमें तेज़ी से पिघलने वाले थवाइट्स ग्लेशियर के ऊपर होने वाला शोध कार्य भी शामिल है. अमरीकियों के साथ मिलकर चलने वाला यह एक अहम संयुक्त शोध कार्य था.

ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे का कहना है कि लोग अगर बीमार पड़ जाएंगे तो फिर उन्हें इलाज मुहैया कराने की क्षमता उसके पास नहीं है.

पिछले हफ़्ते अंतरराष्ट्रीय पार्टनरों के साथ परामर्श के बाद अंटार्कटिका को वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए सख़्त क़दम उठाने का फ़ैसला लिया गया है.

ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे की डायरेक्टर प्रोफेसर डेम जेन फ्रांसिस बीबीसी से कहती हैं, "किसी भी देश के पास गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे लोगों के इलाज के लिए मेडिकल सुविधाएँ नहीं हैं. हर कोई सख़्त ऐहतियात बरत रहा है ताकि अंटार्कटिका को हर संभव तरह से सुरक्षित रखा जा सके."

एयर रूट को लेकर जो अनिश्चितता है, वो यहाँ जाने के लिए सबसे बड़ी एक चुनौती बनी हुई है.

वीडियो कैप्शन, डूब रही है धरती?

गर्मियों के मौसम में अंटार्कटिका जाने वाले कई लोग दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और चीली के मुख्य रास्ते से दक्षिणी महासागर के पार कनेक्टिंग फ्लाइट या फिर जहाज के सहारे जाते हैं, लेकिन चूंकि अभी सारे एयर रूट बुरी तरह से प्रभावित है इसलिए ये रास्ते अभी काम नहीं कर रहे हैं.

ब्रिटेन के वैज्ञानिक इसलिए सीधे ब्रिटेन से अंटार्कटिका रॉयल रिसर्च शिप जेम्स क्लार्क रोज से जाएंगे. संभव है कि आख़िरकार फाल्कलैंड के रास्ते एससेंनशन द्वीप पर ईंधन भरने के बंदोबस्त के साथ कुछ हवाई मार्ग स्थापित किया जा सके लेकिन यह प्लान ए नहीं है.

सीमित संसाधनों की बाध्यता के साथ ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के पास अपने कुछ अहम प्रोजेक्ट्स रोकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रह जाता है. इसके बावजूद इस बात पर जोर रहेगा कि रॉदेरा और हैली के मुख्य स्टेशनों पर जलवायु संबंधि महत्वपूर्ण गतिविधियों पर नज़र रखी जाए.

कोरोना वायरस - अंटार्कटिक

इमेज स्रोत, BAS

हाल के सालों में हैली स्टेशन को ठंड के दिनों में बंद कर दिया जाता था और सभी वैज्ञानिक उपकरण स्वचालित तरीके से चलते रहते थे.

एक साल तक रोकना होगा वैज्ञानिक शोध

मौजूदा हालात में हैली स्टेशन गर्मियों में भी बंद रहेगा हालांकि इस बात की कोशिश की जा रही है कि सभी स्वचालित उपकरण 2021 या 2022 की गर्मियों तक चलते रहे, इसके लिए पर्याप्त ऊर्जा संबंधी बंदोबस्त पूरे कर दिए जाएं.

ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के डायरेक्टर ऑफ साइंस का कहना है, "हैली स्टेशन पर इतना ईंधन है कि वो अगली सर्दियों तक भी चल जाए. लेकिन समस्या यह है कि ये ईंधन उस टैंक में नहीं है जिसके सहारे स्वचालित सिस्टम काम करता है. यह ईंधन स्टेशन पर मौजूद बड़े टैंक में है. हमें ये उसमें से निकाल कर दूसरे वाले टैंक में डालना होगा."

यह तभी होगा जब ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे कनाडा से ट्वीन ओटर एयरक्राफ्ट का अपना बेड़ा प्राप्त कर पाए. वहाँ वो सर्विसिंग के लिए रखा गया है. लेकिन फिर से उन जहाजों को फिर अमरीका के रास्ते लाने में काफी परेशानी हो सकती है क्योंकि कुछ देशों में अभी भी संक्रमण की दर रिकॉर्ड किए जा रहे हैं.

और अगर ट्वीन ओटर की सेवा नहीं ली जा सकेगी तो फिर हैली पहुँचकर ईंधन की मौजूदा समस्या ठीक करना संभव नहीं होगा.

कोरोना वायरस - अंटार्कटिक

कोरोना वायरस का संक्रमण जब 2019/2020 में शुरू हुआ तब अंटार्कटिका में गर्मियों का मौसम होता है.

वहाँ से सभी अस्थाई कर्मियों को निकाल कर वापस घर लाना भी एक बड़ी समस्या है. उन्हें सबसे पहले उन्हें फाल्कलैंड में रॉदेरा में क्वारंटीन में रखा जाएगा और फिर उन्हें उनके घर के लिए फलाइट या जहाज में भेजा जाएगा.

इसके अलावा वो लोग भी शामिल होंगे जो हफ़्तों वहाँ अपनी खोजबीन करने के बाद लौट रहे होंगे. इसमें थवाइट्स ग्लेशियर से लौट रहा अभियान दल भी शामिल होगा.

पांच सालों से इस ग्लेशियर के ऊपर इस बात को लेकर शोध हो रहा है कि यह इतनी तेजी से क्यों लौट रहा है और इसका समुद्र के स्तर पर क्या पड़ेगा.

यह इस महादेश में चलने वाला सबसे बड़ा वैज्ञानिक शोध है लेकिन अब इसे एक साल के लिए रोकना पड़ेगा.

प्रोफेसर वॉगॉन ने बीबीसी न्यूज़ से कहा, "हम अपने अमरीकी पार्टनर नेशनल साइंस फाउंडेशन से सहमत है कि थवाइट्स ग्लेशियर का प्रोजेक्ट एक साल के लिए रोक देना चाहिए. हम हर संभव कोशिश करेंगे कि 21/22 तक यहाँ अपने काम पर लौट जाए. इसलिए कोई भी प्रोजेक्ट रद्द नहीं होने जा रहा है बस इसे फ़िलहाल स्थगित किया जा रहा है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)