सोशल मीडिया पर बढ़ता स्कैम, कैसे बच सकते हैं आप?

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- Author, साइमन रीड
- पदनाम, पर्सनल फ़ाइनैंस रिपोर्टर
सैमी रिचर्डसन ने जब इंस्टाग्राम पर स्पेन का हॉलीडे पैकेज जीतने वाला पोस्ट पढ़ा तो उन्होंने इसमें भाग लेने और ज़यादा जानकारियां जुटाने की कोशिश की. उनकी एक दोस्त ने उन्हें ऐसे पोस्ट में टैग किया था.
इसके बाद उन्हें एक मेल आया जिसमें लिखा था कि वो जीत गई हैं. वो कहती हैं, "मैं खुशी से झूम रही थी"
लेकिन जब प्रतियोगिता के आयोजकों ने उनसे पर्सनल जानकारियां जुटानी चाही, तो उन्हें समझ में आ गया कि वो एक स्कैम था.
इस जाल में फंसने वाली सैमी इकलौती शख़्स नहीं हैं, जानकारों का कहना कि ऐसे धोखाधड़ी के मामले पिछले कुछ समय में काफ़ी बढ़ गए हैं.
लोगों के ऑनलाइन रहने के समय में इज़ाफ़ा हुआ है इसलिए फ्रॉड करने वाले लोग नए तरीकों से निजी जानकारियां जुटाने की कोशिश में लगे रहते हैं.
वैध तरीके से इनामी प्रतियोगिताएं करवाने वाली कंपनी प्रोमो वेरिटास के चीफ़ एक्ज़ेक्यूटिव जेरेमी स्टर्न कहते हैं, "अपराधियों को पता है कि लोग पहले के मुकाबले काफ़ी अधिक समय ऑनलाइन बिता रहे हैं, और वो इसका फ़ायदा उठा रहे हैं."
वो कहते हैं,"हमने ऑनलाइन स्कैम में काफ़ी बढ़ोतरी देखी है."
कैसे होता है ऑनलाइन फ्रॉड
हॉलीडे पैकेज जीतने की जानकारी देने के बाद रिचर्डसन से आयोजकों ने उनकी और उनके पति की पासपोर्ट की डीटेल मांगी.
वो बताती हैं, "मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं अपने बच्चों को भी साथ ले जा सकती हूं".
रिचर्डसन के तीन बच्चे हैं, एक 13 साल का और दूसरा पांच साल और तीसरा 3 साल का.
आयोजकों ने रिचर्डसन को बताया कि बच्चों के पैसे लगेंगे, हर बच्चे का 300 पाउंड यानि कुल 900 पाउंड यानी क़रीब 900000 रुपये.
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रिचर्डसन बताती है, "मुझे यह सुन के थोड़ा अजीब लगा"
इसके बाद रिचर्डसन ने उस रिज़ॉर्ट की जानकारियां जुटाई जहां उन्हें ठहरना था. उन्हें पता चला कि वहां सिर्फ व्यस्कों के रुकने की इजाज़त है, बच्चे वहां नहीं जा सकते.
इसके बाद उन्होंने उस ट्रैवल कंपनी से संपर्क किया जिसके नाम का इस्तेमाल कर आयोजक उनसे बात कर रहे थे. कंपनी ने बताया कि ऐसे किसी प्राइज़ के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी.
रिचर्डसन को समझ में आ चुका था कि उनके साथ धोखा किया जा रहा था और यह उनकी जावकारियां और उनसे पैसे निकलवाने की कोशिश थी.
सावधान रहना बहुत ज़रूरी है
स्टर्न कहते हैं," किसी भी ऐसे प्रोमोशन का हिस्सा बनने से पहले ग्राहकों को बहुत सावधान रहना चाहिए और अपनी निजी जानकारियों को साझा नहीं करना चाहिए"
उनके मुताबिक, "कई बड़ी कंपनिया, सुपरमार्केट अच्छे ऑफ़र और ऑनलाइन स्कीम लेकर आती हैं, इनसे आपको घबराने की ज़रुरत नहीं है, लेकिन फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर आने वाले ऐसे ऑफ़र से सावधान रहना चाहिए "

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अगर किसी ऐसे ऑनलाइन प्रमोशन पर आपको शक है, तो इनसे दूर रहें. अंदर जाने के बाद आपको हज़ारों रुपये का नुकसान हो सकता है.
आपसे पैसे लेने के अलावा ये आपकी निजी जानकारियों का ग़लत फ़ायदा उठा सकते हैं और उन्हें बेच सकते हैं. इनका इस्तेमाल कर आपको जीवन भर स्पैम मेल भेजे जा सकते हैं.
कई मामलों में आपके बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारियां जुटाने की कोशिश भी की जा सकती है.
कैसे पहचाने फ़र्ज़ी ऑफ़र
स्टर्न के मुताबिक अगर कोई आपसे वैसे सवाल पूछ रहा है, जो आपके मुताबिक ज़रूरी नहीं हैं, ख़ासतौर पर सोशल मीडिया वेबसाइट पर या वैसी वेबसाइट पर जो किसी बड़े ब्रैंड की नहीं हैं, तो वो फ़र्जी हो सकता है. ये संकेत है कि वो आपकी जानकारियां जुटा कर बेचने की कोशश कर रहा है.
इसके अलावा कई प्रोमोशन में आपसे किसी चीज़ पर आपकी राय पूछी जाती है, ये भी आपका डेटा चुराने का तरीका हो सकता है.
अगर किसी ऑफ़र में कोई टर्म्स और कंडीशंस नहीं लिखे हैं, या उससे जुड़ी जानकारियां जैसे की वो कब शुरू और ख़त्म होगा, ये ऑफ़र से जुड़े नियम नहीं लिखे हैं, तो उनपर विश्वास नहीं करना चाहिए.
इसके अलावा उन प्रमोशन से दूर रहना चाहिए तो आपको किसी पेज तो लाइक करने या लोगों को टैग करने के लिए कहते हैं,कई तरह के प्राईज़ ड्रॉ के नाम पर आपसे पैसे मांगते हैं और फिर फ़रार हो जाते हैं.
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