व्हाट्सऐप में सेंध: फ़ोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल

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इमेज कैप्शन, दुनियाभर में डेढ़ अरब लोग व्हाट्सएप इस्तेमाल करते हैं.

फ़ेसबुक ने स्वीकार किया है कि उसकी इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप व्हाट्सएप में एक सुरक्षा चूक की वजह से लोगों के मोबाइल फ़ोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो गया है.

ब्रिटेन के अख़बार फ़ाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ये सॉफ्टवेयर एक इसराइली कंपनी ने विकसित किया है.

इस जासूसी सॉफ्टवेयर को व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए लोगों के फ़ोन में इंस्टॉल किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़, यदि कोई यूज़र कॉल का जबाव नहीं देता है तब भी उसके फ़ोन में ये सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जा सकता है.

कनाडा के शोधकर्ताओं के मुताबिक़, इस जासूसी सॉफ्टवेयर से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं को निशाना बनाया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़, फ़ेसबुक के इंजीनियर इस सुरक्षा चूक को ठीक करने में रविवार तक जुटे थे.

फ़ेसबुक ने ग्राहकों से कहा है कि वो नए वर्ज़न को अपडेट कर लें. नए वर्ज़न को गूगल प्ले-स्टोर पर जाकर अपडेट किया जा सकता है.

अभी ये पता नहीं है कि कितने लोगों को इस साइबर हमले का निशाना बनाया गया है. हालांकि माना जा रहा है कि इस हमले में बेहद चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाया गया है.

दुनियाभर में डेढ़ सौ करोड़ से अधिक लोग व्हाट्सएप इस्तेमाल करते हैं.

आपके व्हाट्सऐप में सेंध लगाने वाला जासूसी सॉफ्टवेयर इसराइली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने तैयार किया है. इस कंपनी को 'साइबर आर्म्स डीलर' के तौर पर जाना जाता है.

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