'दुनिया के सबसे बड़े विमान' ने पहली बार भरी उड़ान

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पंखों के लिहाज़ से दुनिया के सबसे बड़े विमान ने पहली बार उड़ान भर ली है.
स्ट्रेटोलॉन्च नामक कंपनी ने इसे बनाया है. इस कंपनी को दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर निर्माता कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ़्ट के सह-संस्थापक पॉल एलन ने 2011 में बनाया था.
इस विमान को वास्तव में सेटेलाइट के लॉन्च पैड के रूप में तैयार किया गया है. इस विमान का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में सेटेलाइट को छोड़ने से पहले 10 किलोमीटर तक उड़ना है.

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इस विमान के 385 फ़ुट लंबे पंख किसी अमरीकी फ़ुटबॉल मैदान के जितने बड़े हैं.
अगर यह परियोजना सफल होती है तो अंतरिक्ष में किसी चीज़ को भेजना ज़मीन से रॉकेट से भेजने से ज़्यादा सस्ता हो जाएगा.

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इस विमान में दो एयरक्राफ़्ट बॉडी हैं जो आपस में जुड़ी हैं और इसमें छह इंजन हैं. यह विमान अपनी पहली उड़ान में 15 हज़ार फ़ुट की ऊंचाई तक गया और इसकी अधिकतम गति 170 मील प्रति घंटा रही.
विमान उड़ान वाले पायलट इवन थॉमस ने पत्रकारों से कहा कि यह 'अद्भुत' था और 'जैसी उम्मीद की गई थी विमान उसी तरह से उड़ा.'
स्ट्रेटोलॉन्च की वेबसाइट के अनुसार, 'जिस तरह से आज व्यावसायिक उड़ान पकड़ना आम बात है उसी तरह से अंतरिक्ष की कक्षा में जाना' उद्देश्य है.

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ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रेंसन की कंपनी वर्जिन गेलेक्टिक ने भी ऐसा विमान बनाया है जो ऊंचाई से अंतरिक्ष की कक्षा में रॉकेट भेज सकता है.
स्ट्रेटोलॉन्च ने अपने इस विमान को 'दुनिया का सबसे बड़ा विमान' कहा है लेकिन अभी भी ऐसे विमान हैं जो आगे नुकीले हिस्से से लेकर पीछे तक बहुत बड़े हैं.
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