इंसान जैसी चतुराई वाले कौवे आपको अचरज में डाल देंगे

कौआ

इमेज स्रोत, SARAH JELBERT

आपने चतुर कौवे की कहानी तो ज़रूर सुनी होगी. अरे, वही कौआ जो घड़े में कंकड़ डालता है और जब पानी ऊपर आ जाता है तो उसे पीकर अपनी प्यास बुझा लेता है. लेकिन ये कौवा सिर्फ कहानियों की किताबों के पन्नों में नहीं, असल में भी पाए जाते हैं.

स्कॉटलैंड में कुछ ऐसे कौवे हैं, जिन्होंने वैज्ञानिकों को हैरत में डाल रखा है. ऐसा इसलिए क्योंकि वो औजार (जैसे कि मछली पकड़ने वाला हुक) बना सकते हैं और उनका इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

चतुर कौआ एमा

ऐसा ही एक कौआ है एमा. एमा एक वेडिंग मशीन से अपने लिए खाने का जुगाड़ कर लेता है. वो मशीन में कागज के छोटे-छोटे टुकड़े करके डालता है जिससे खाना नीचे बने एक बॉक्स में गिरता है और वो उसे लपक लेता है.

इतना ही नहीं ये कौवे जटिल समस्याएं भी हल कर सकते हैं. इन्हें एक लकड़ी की मदद से कीड़े पकड़ने की कोशिश करते हुए रिकॉर्ड किया गया है. वो लकड़ी से कीड़ों को तब तक छेड़ते हैं, जब तक कि वो इससे तंग न आ जाएं.

कौआ

इमेज स्रोत, JAMES ST CLAIR

अब इन कौओं के लिए एक ख़ास तरह की वेडिंग मशीन डिज़ाइन की गई जिसकी ये बख़ूबी इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि ये कौवे वाक़ई काफ़ी चतुर हैं.

यह 'वेंडिंग प्रयोग' पक्षियों की बुद्धिमत्ता का पता लगाने के लिए किए जा रहे प्रयोगों का ताज़ा उदाहरण है. ये पक्षी इतने तेज़ हैं कि वैज्ञानिकों ने न्यू कैलेडोनिया में उनके लिए ख़ास तरह का विशाल पिंजरा बनाया है जिसमें वो उन्हें जंगल में छोड़न से पहले कुछ दिन इनकी बुद्धिमत्ता का परीक्षण करते हैं.

'इंसानों जैसा बर्ताव करते हैं कौवे'

इसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की डॉ. सारा जेलबर्ट ने बनाया है. उन्होंने बताया, "हम पक्षियों को कुछ नया सीखते देखना चाहते थे इसलिए हमने ये मशीन बनाई. इस मशीन में कागज़ के कुछ टुकड़े और मांस का एक टुकड़ा रहता है. मांस का टुकड़ा पाने के लिए उन्हें कागज के छोटे-छोटे टुकड़े कर के मशीन में डालना होता है. कागज के छोटे टुकड़े डालते ही मीट का टुकड़ा मशीन के बाहर बने एक छोटे से बॉक्स में आ गिरता है, जिसे वो खा सकते हैं."

Presentational grey line
Presentational grey line
कौआ

इमेज स्रोत, SARAH JELBERT

डॉ. जेलबर्ट ने बताया कि पहले वो कौओं को कागज के छोटे टुकड़े देते हैं. जब वो छोटे टुकड़ों की मदद से खाना निकालना सीख लेते हैं तो उनके सामने बड़े टुकड़े रखे जाते हैं. ये देखने के लिए, वो अपने दिमाग का इस्तेमाल करके कागज को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटते हैं या नहीं.

वैज्ञानिकों ने यह प्रयोग आठ कौओं पर किया और पाया कि सभी ने कागज को सही साइज़ के टुकड़ों में फाड़ना सीख लिया.

डॉ. जेलबर्ट कहती हैं कि कौवों का व्यवहार इंसानों से काफ़ी मिलता है.

Presentational grey line

ये भी पढ़ें:

Presentational grey line

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)