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बंदूक़ से स्वर्ग में भी नहीं ले जा सकते... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक काम करें ज़रा अपने रसोइए को रोज़ाना रात ढाई बजे जगा कर चाय बनवाना शुरू करें. गोश्त- सब्ज़ी की ख़रीदारी का रोज़ाना बिल मांगें और उसके सामने ही हिसाब किताब भी करें. उसके पकाए हुए खाने में कीड़े निकालें. ख़ाली बैठा हो तो गाड़ी धोने में लगा दें, चौकीदार छुट्टी पर हो तो गेट पर खड़ा कर दें, ड्राइवर न आए तो शोफ़र का काम ले लें. पगार बढ़ाने की मांग करे तो हड़का दें, छुट्टी मांगे तो दो मोटी मोटी गालियाँ दें. इसके बावजूद भी बेचारा रसोइया 'जी सरजी, जी सरजी' ही करता रहेगा. लेकिन होगा ये कि रसोइए से अचानक हर दूसरे तीसरे दिन खाना जल जाएगा, सालन में नमक बहुत तेज़ हो जाएगा, उससे अचानक ट्रे छूट जाएगी और टी सेट टुकड़े टुकड़े हो जाएगा. किसी दिन चूल्हा फट जाएगा, गाड़ी धोते धोते वो बिल्ली को भगाने के लिए पत्थर जो मारेगा तो विंडस्क्रीन पर जा लगेगा. ड्राइविंग करते करते वो किसी और की गाड़ी ठोंक देगा. आपको समझ ही में नहीं आएगा कि 20 साल से अच्छी भली नौकरी करते करते रसोइया अचानक ऐसा क्यों हो गया है. आप हवा में मुक्के ही चलाते रहेंगे, मुंह से झाग निकालते रहेंगे, नौकरी से निकालने की धमकी ही देते रहेंगे लेकिन उसे नौकरी से निकालेंगे नहीं क्योंकि इतनी पगार में ऐसा रसोइया मुश्किल ही से मिलेगा जिससे आप हर काम अपनी शर्तों पर लेना चाहते हैं. 9/11 के बाद आइए विषय बदलें, 9/11 के 48 घंटे बाद अमरीका के विदेश उपमंत्री रिचर्ड आर्मिटेज ने वाशिंगटन में मौजूद आईएसआई के प्रमुख जनरल महमूद अहमद के ज़रिए जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को ये संदेश दिया कि आप अगर हमारे साथ नहीं हैं तो आप हमारे दुश्मनों के साथ हैं. और अगर आप हमारे दुश्मनों के साथ हैं तो हम आपको भी अफ़ग़ानिस्तान की तरह पत्थर के ज़माने में पहुंचा देंगे. मरता क्या न करता, पाकिस्तान कनपटी पर पिस्तौल महसूस करते हुए आदेश बजा लाने पर राज़ी हो गया. अमरीका ने एक हाथ से पाकिस्तान की जेब में डॉलर ठूंसते हुए बोला कि जितने तालिबान और अल क़ायदा पकड़वाओगे उसका कमीशन अलग से मिलेगा. अब पकड़ो डंडा और शुरू हो जाओ बेटे. वाशिंगटन ने कहा अपनी पूर्वी सीमा को अलक़ायदा और तालेबान के लिए बंद कर दो. पाकिस्तान ने एक लाख सैनिक वहां बैठा दिए. वाशिंगटन ने कहा फ़लां फ़लां चरमपंथी संस्थाओं और गुटों पर प्रतिबंध लगा दो, पाकिस्तान ने पाबंदी लगा दी. वाशिंगटन ने कहा क़बाइली इलाक़ों में जो भी संदिग्ध व्यक्ति नज़र आए उसे ख़त्म कर दो या हमारे हवाले कर दो, पाकिस्तान ने क़बाइली इलाक़ों में सशस्त्र कारवाई शुरू कर दी और 600 से ज़्यादा लोग कमीशन पर अमरीका के हवाले कर दिए. वाशिंगटन ने कहा तुम सुस्ती दिखा रहे हो. पाकिस्तना ने कहा महाराज कोबरा हेलीकॉप्टर और नाइट विज़न उपकरण चाहिए. वाशिंगटन ने कहा- चल बे बड़ा आया कोबरा हेलीकॉप्टर मांगने वाला और कहा ये ले चंद दर्जन नाइट विज़न हेलमेट, मगर मैं हर तीन महीने बाद गिनती करुंगा और अगर एक भी कम हुआ तो सौ मार के 99 गिनूँगा. पाकिस्तान ने कहा श्रीमान जी, आत्मघाती हमलों में हज़ारों पाकिस्तानी भी मरे हैं और आपके आदेशानुसार सैनिक कारवाई में पाँच लाख क़बाइली भी तो बेघर हो गए हैं उनकी बहाली के पैसे. वाशिंगटन ने कहा ये हमारा दर्दे-सर नहीं, जो ख़र्च करो उसकी रसीद दिखाओ वरना बिल क्लियर नहीं करेंगे. पाकिस्तान ने कहा चलिए आतंकवाद से जो आर्थिक नुक़सान हो रहा है उसके लिए पाकिस्तानी टेक्सटाइल के लिए अमरीकी मंडी खोल दें, वाशिंगटन ने कहा पागल हुआ है क्या, देख नहीं रहा कि हम ख़ुद कैसे आर्थिक संकट में घिरे हुए हैं. पाकिस्तान ने कहा हज़ूर ड्रोन हमले न करें हमारे ही लोग हमारा मज़ाक़ उड़ा रहे हैं. अमरीका ने कहा अगर इतने पैसे ले के आईएसआई इतना दोगला खेल खेलेगी तो ड्रोन हमले तो होंगे. पाकिस्तान ने कहा महाराज आपने ज़बर्दस्ती पैसे दिए हैं हमने तो नहीं मांगे थे. वाशिंगटन ने कहा कमीने काम करने के बजाए ज़बान चलाता है. श्री बराक ओबामा जी, अब जबकि ये बात आम हो चुकी है कि न पाकिस्तान को अमरीका पर विश्वास है और न आपको पाकिस्तान पर तो फिर क्या किया जाए? एक हल तो ये है कि पाकिस्तान को उठा कर मोज़म्बीक की जगह रख दिया जाए और मोज़म्बीक को अफ़ग़ानिस्तान का पड़ोसी बना दिया जाए. दूसरा हल ये है कि आप चाहें तो पश्तो की ये मिसाल अपने रसोइए से लें कि आप एक पठान को प्यार मोहब्बत से नरक में ढकेल सकते हैं लेकिन बंदूक़ के बल पर स्वर्ग में भी नहीं ले जा सकते... | इससे जुड़ी ख़बरें 'तालेबान को आईएसआई से सीधी मदद'26 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में रॉकेट हमला, 10 की मौत20 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस ड्रोन हमला, मरने वालों की संख्या 24 हुई13 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'इतिहास के बोझ से मुक्त होकर आगे बढ़ें'07 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान के अस्तित्व पर ख़तरा'06 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'तालेबान से कोई समझौता नहीं'04 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाक अविश्वास का माहौल ख़त्म करे'28 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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