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'पाकिस्तान के अस्तित्व पर ख़तरा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा है कि पाकिस्तान के अस्तित्व को देश के भीतर मौजूद चरमपंथियों से भारी ख़तरा है. मिलिबैंड ने पाकिस्तानी राजनेताओं से कहा कि वे आपसी मतभेद भुलाकर इस 'बेहद गंभीर स्थिति' का सामना करें जो दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है. ब्रितानी विदेश मंत्री ने ये बात ऐसे समय पर कही है जबकि लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए हमले की जाँच चल रही है, पाकिस्तानी पुलिस ने 14 में से चार संदिग्ध हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं. उन्होंने बीबीसी रेडियो के कार्यक्रम टुडे में कहा कि "पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता बहुत गंभीर समस्या है जो लगातार बदतर होती जा रही है." मिलिबैंड ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के बीच गहरे मतभेदों पर चिंता प्रकट की, उन्होंने ज़ोर दिया कि पाकिस्तान के राजनेताओं को आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत है. ब्रितानी विदेश मंत्री ने कहा, "पाकिस्तान में राजनीतिक असहमति इस समय इतनी गहरी है कि वह समस्या को और जटिल बना रही है." पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली को भी उन्होंने एक बड़ी समस्या करार दिया. उन्होंने कहा कि ये तो पता नहीं चल सका है कि लाहौर के हमलों के पीछे किस गुट का हाथ है लेकिन "लश्करे तैबा की जड़ें पंजाब प्रांत में बहुत गहरी हैं". उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्रांतीय और केंद्रीय सरकारों को लश्करे तैबा से जुड़े संगठनों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. जाँच पंजाब प्रांत के पुलिस प्रमुख ख़ालिद फ़ारूक़ ने कहा है कि "जाँच पूरी करने में अभी थोड़ा समय लगेगा लेकिन यह काम अगले 24 घंटे में पूरा हो जाएगा." मीडिया में हमलावरों के बारे में अटकलों का दौर जारी है, कुछ लोग लश्करे तैबा को ज़िम्मेदार मान रहे हैं जबकि कुछ अन्य लोगों का शक अल क़ायदा और तालेबान पर है. पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर ने गुरुवार को कहा था, "हमने हमलावरों की पहचान कर ली है." इंटरपोल के प्रमुख रोनल्ड नोबेल भी इस्लामाबाद पहुँच गए हैं लेकिन उनकी पहले से तय यात्रा का उद्देश्य मुंबई के हमलों के बारे पाकिस्तान गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक से बात करना है. सुरक्षा ख़ामियाँ पाकिस्तान सरकार की इस बात के लिए कड़ी आलोचना हो रही है कि उसने श्रीलंका की क्रिकेट टीम को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई थी. क्रिकेटरों की बस के पीछे एक कार में आ रहे अंपायरों का कहना है कि उनके लिए कोई सुरक्षा नहीं थी और मैच रेफ़री क्रिस ब्रॉड ने कहा है कि वे एक 'आसान निशाना' थे. इस बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रड ने सुरक्षा ख़ामियों के बारे में एक कड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा, "सुरक्षा के बारे में ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने जो कुछ कहा है उससे मैं बहुत चिंतित हूँ, पाकिस्तान को स्थिति स्पष्ट करनी होगी, हमने स्पष्टीकरण माँग रहे हैं." क्रिस ब्रॉड के बयान पर पाकिस्तान में कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख एजाज़ बट्ट और जावेद मियाँदाद ने उनके ऊपर पाकिस्तान की छवि को जानबूझकर नुक़सान पहुँचाने का आरोप लगाया है. कई पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में ख़ामियों की बात को ग़लत ठहराया है लेकिन लाहौर के पुलिस कमिश्नर ख़ुसरो परेवज़ ने माना है कि 'सुरक्षा व्यवस्था में साफ़ तौर पर गड़बड़ियाँ थीं.' | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व नेताओं ने हमले की निंदा की03 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका के खिलाड़ियों पर ख़ूनी हमला03 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस भारतीय टीम का पाकिस्तान दौरा रद्द18 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया जयवर्धने-समरवीरा की रिकॉर्ड साझेदारी22 फ़रवरी, 2009 | खेल की दुनिया भारत के पाकिस्तान दौरे का विरोध12 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया आईसीएल विवाद को सुलझाने की कोशिश21 फ़रवरी, 2009 | खेल की दुनिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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