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'मनमोहन सिंह ही होंगे प्रधानमंत्री' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने आगामी चुनाव में एक धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय के लिए सजग सरकार को जनादेश देने की अपील की. दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा पत्र जारी करते हुए सोनिया गाँधी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए एक ऐसे सरकार की ज़रुरत है जो देश को स्थायित्व दे सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार डॉक्टर मनमोहन सिंह में ऐसी अनुभव और योग्यता है कि वे देश को प्रगति के रास्ते पर ले जा सके. प्रधानमंत्री पद के लिए ख़ुद की और राहुल गाँधी की दावेदारी के बारे में सवालों को ख़ारिज करते हुए सोनिया गाँधी ने कहा कि मनमोहन सिंह ही कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं. वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी और वामदलों पर भी राजनीतिक प्रहार किए. भाजपा पर प्रहार भारतीय जनता पार्टी के बारे में मनमोहन सिंह ने कहा कि वरुण गाँधी ने पीलीभीत में जो भाषण दिए वह भाजपा की सांप्रदायिक मानसिकता को ही दर्शाता है. मनमोहन सिंह ने कहा कि आडवाणी का यह कहना सहीं नहीं है कि वे एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं. एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में केंद्र में सरकार थी और जब आडवाणी गृहमंत्री थे तभी संसद और लाल क़िले पर हमले हुए थे. आडवाणी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वे कितने मजबूत हैं इसे लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2002 में गुजरात में सांप्रदायिक दंगे हो रहे थे तब वे देश के गृहमंत्री थे. उन्होंने विमान अपहरण और कंधार में चरमपंथियों को छोड़े जाने का भी ज़िक्र किया. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "हम ये नहीं कहते कि वर्ष 2004 में जो हमने वादे किए थे उसे शत प्रतिशत पूरा किया है, लेकिन हम ये ज़रुर कहेंगे कि उनमें से 80 प्रतिशत वादों को पूरा किया." 'स्थिरता के लिए...' उन्होंने कहा कि जब दक्षिण एशिया के देशों में अस्थिरता बनी हुई है ऐसे में भारत एक भारी बदलाव को दिशा दे सकता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में देश किस रास्ते पर आगे बढ़ेगा यह तय करने का समय आ गया है. उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए कहा- 'कुछ ऐसे भी मंज़र हैं तारीख़ की नज़रों में उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश भारत के परमाणु समझौते के कार्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा कहती है कि यदि उनकी सरकार केंद्र में बनेगी तो वे परमाणु समझौते में फेरबदल करेंगे, वहीं सीपीएम का कहना है कि वे इस समझौते को रद्द कर देंगे. यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस चुनाव के बाद वामदलों के समर्थन से सरकार बनाएगी या ऐसे किसी गठबंधन में भाग लेगी, इस पर सोनिया गाँधी का कहना था कि अभी हमारे सामने जो है हम उस पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. सोनिया गाँधी ने कहा कि कांग्रेस देशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और ख़ुशहाली के लिए काम करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें वरुण की टिप्पणियाँ दुर्भाग्यपूर्ण: मनमोहन19 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'टिप्पणी गांधी-नेहरू परिवार की परंपराओं के ख़िलाफ़'23 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस लालू ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया21 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस अब तीसरे मोर्चे की रात्रिभोज राजनीति14 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी23 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस शिव सेना और भाजपा में समझौता13 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस भाजपा-जनता दल (यू) में खींचतान जारी13 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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