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शेख़ हसीना ने जवानों को चेतावनी दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने विद्रोह कर रहे बांग्लादेश राइफ़ल्स के जवानों को चेतावनी दी है कि वे 'हथियार डाल दें, नहीं तो कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी.' उधर भारत ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सदभाव से समस्या का हल खोज लेगा. बुधवार को ढाका से शुरु हुआ बांग्लादेश राइफ़ल्स का विद्रोह 12 अन्य शहरों में फैल गया है. अब तक जारी सरकारी जानकारी के मुताबिक सेना के अफ़सरों समेत 50 लोग मारे गए हैं. चाहे ढाका में बुधवार देर रात कई विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया था और बंधक बनाए सेना के अफ़सरों और आम लोगों को रिहा किया था लेकिन गुरुवार को भी वहाँ गोलीबारी होने की ख़बर है. उधर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा, "ये बांग्लादेश का आंतरिक मामला है. हमें भरोसा है कि ये समस्या सदभाव से सुलझा ली जाएगी." 'आत्महत्या का रास्ता न चुनें' राष्ट्र के नाम संदेश में शेख़ हसीना ने गुरुवार दोपहर कहा, "अपने हथियार डाल दें और तत्काल बैरैक्स में लौट जाएँ. यदि ऐसा नहीं होता तो राष्ट्र के व्यापक हितों के लिए मैं कार्रवाई करूँगी." उन्होंने जवानों से अपील की कि वे अपने ही भाइयों पर गोलियाँ न चलाएँ. विद्रोहियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा, "आत्महत्या का रास्ता न अपनाएँ. मुझे कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर न करें. हम आपकी समस्याएँ जानते हैं. कृपया हमारी मदद करें." अपने संबोधन में सख़्ती के साथ कुछ लचीला रवैया दिखाते हुए उन्होंने कहा, "शांति बनाए रखें और राष्ट्र की ख़ातिर सब्र करें. मेरी सभी से अपील है कि संयम से काम लें. मैं सभी का सहयोग चाहती हूँ." | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में सशस्त्र विद्रोह फैला26 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना ने जवानों को चेतावनी दी26 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में चुनाव 18 दिसंबर को02 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस विद्रोही जवानों को आम माफ़ी25 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया रिहा हुईं11 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में भ्रष्टाचार के विरोध में मुहिम03 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना इलाज के लिए आज़ाद11 जून, 2008 | भारत और पड़ोस शेख हसीना को अदालत से राहत09 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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