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बांग्लादेश में विद्रोह फैला, सेना ने टैंक बुलाए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश राइफ़ल्स (बीडीआर) के जवानों का सशस्त्र विद्रोह बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहर कम से कम 12 अन्य शहरों में फैल गया है. सेना ने ढाका में बीडीआर मुख्यालय के बाहर दस टैंकों को लगाया है. इससे पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना ने विद्रोहियों को चेतावनी दी थी कि यदि वे 'आत्महत्या के रास्ते को नहीं छोड़ने तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.' बुधवार को ढाका में बीडीआर जवानों के सशस्त्र विद्रोह के दौरान लगभग 50 लोगों मारे गए थे. गुरुवार को विद्रोह के फैलने के बाद ढाका में गुरुवार सुबह फिर से फ़ायरिंग होने लगी हैं. चटगाँव और मौलिवीबाज़ार ज़िले से अंधाधुंध फ़ायरिंग की ख़बरें मिली हैं. प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी समय राष्ट्र को संबोधित करने की संभावना है. ढाका के पास विद्रोही जवानों ने अपने कुछ अधिकारियों की हत्या कर उनके शव बूढ़ीगंगा नदीं में फेंक दिए थे. प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने जवानों को आम माफ़ी देने की घोषणा की थी जिसके बाद ढाका के विद्रोही जवानों ने हथियार डालने शुरु कर दिए और गुरुवार सुबह से उन्होंने अपने मुख्यालय में बंधक बनाए गए लोगों को भी रिहा करना शुरु कर दिया था. लेकिन गुरुवार सुबह होते ही प्रधानमंत्री के आश्वासन को ठुकराते हुए कई और शहरों में बीडीआर जवानों ने विद्रोह कर दिया. पूरे देश में बीडीआर के 64 कैंप हैं जहाँ 45 हज़ार जवानों की तैनाती है. बीडीआर जवानों का कहना है कि वर्षों तक अपने अधिकारियों के बुरे बर्ताव को झेलने के बाद वे विद्रोह करने पर मजबूर हुए हैं.
फ़ायरिंग की ख़बरें ताज़ा ख़बरों के मुताबिक देश के मुख्य बंदरगाह शहर चटगाँव, भारतीय सीमा से सटे फेनी, राजशाही और सिलहट ज़िलों से गोलीबारी की ख़बरें मिल रही हैं. चटगाँव में बीडीआर के एक जवान ने बताया कि उन्होंने सेना को अपने कैंप में घुसने से रोकने के लिए गोलियाँ चलाई हैं. हालाँकि इन ख़बरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. दक्षिणी खुलाना में बीडीआर के जवानों ने सड़क पर अवरोधक लगा दिए हैं लेकिन कोई फ़ायरिंग नहीं हुई है. इस बीच ढाका में विद्रोही जवान हथियार डालने पर सहमत हो गए हैं लेकिन अभी तक उन्होंने सेना के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया है. क़ानून और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री मोहम्मद इस्लाम ने कहा था कि ढाका में हुई हिंसा में लगभग 50 लोग मारे गए हैं. उनका कहना है कि हथियार डालने वाले विद्रोहियों ने उन्हें यह सूचना दी थी. |
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