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'हमलों से निपटने के लिए तैयारी बेहतर है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गृहमंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि अब भारत 'मुंबई जैसे आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए' पहले की तुलना में बेहतर ढंग से तैयार है. उन्होंने कहा है कि अब अगर ऐसा कोई हमला होता है तो भारत उसका जवाब निर्णायक ढंग से दे सकेगा. तीन महीने पहले मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद गृहमंत्री बने पी चिदंबरम ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा है कि भारत के लिए 'मुख्य आतंकवादी ख़तरा' सीमापार से है. इस सिलसिले में उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिया. दो लक्ष्य गृहमंत्री चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने दो महीने बाद होने वाले चुनावों से पहले अपने लिए दो लक्ष्य रखे थे. एक तो यह कि 'भारत आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए' बेहतर ढंग से तैयार रहे. और दूसरा यह कि यदि भविष्य में ऐसे हमले होते हैं तो उसका जवाब ज़्यादा जल्दी और निर्णायक ढंग से दिया जा सके. उन्होंने कहा, "हम पहले की तुलना में ज़्यादा तैयार हैं लेकिन हमें और कड़ी मेहनत करनी होगी." गृहमंत्री ने माना कि भारत में भी इस्लामिक चरमपंथी गुट सक्रिय हैं लेकिन उनका कहना था कि उनको आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और समर्थन दूसरे देशों से मिलता है, विशेषकर पाकिस्तान से. पी चिदंबरम का कहना है कि धर्मनिरपेक्षता और अनेकता में एकता का भारत की जो भावना है, उसे नष्ट करने के लिए एक सुनियोजित षडयंत्र रचा जा रहा है. उनका कहना था कि वे घटनाओं को जोड़कर कुछ रेखांकित नहीं कर सकते लेकिन वे कह सकते हैं कि देश को अस्थिर करने का षडयंत्र रचा जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें कसाब को पाकिस्तान के सुपुर्द करें: क़ुरैशी17 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के अख़बारों में मुंबई जाँच रिपोर्ट छाई13 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस आतंकवाद का तंत्र नष्ट करें: मुखर्जी13 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान मीडिया का सहारा न ले'10 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को और जानकारी चाहिए09 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस भारत असहाय नहीं: प्रणब08 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को हथियार देने का विरोध05 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'पड़ोसी भाईचारा नष्ट करना चाहते हैं'04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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