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'कांग्रेस से दूरी के लिए दिग्विजय दोषी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने कांग्रेस के नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि दिग्विजय जैसे नेता ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के ख़राब हो रहे रिश्तों की जड़ में हैं. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और उनकी पार्टी के रिश्ते खत्म होते हैं तो उसके ज़िम्मेदार दिग्विजय सिंह ही होंगे. दिग्विजय सिंह कांग्रेस आलाकमान को ग़ुमराह कर रहे हैं. उनका कहना था, "हमने यूपीए सरकार की उस संकट की घड़ी में मदद की जब वामपंथी दलों ने सरकार को समर्थन देना बंद कर दिया था. लेकिन बजाय कृतज्ञ होने के दिग्विजय ऐसे ग़ैरज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. अमर सिंह ने कहा कि हमने तो नहीं कहा कि वे भिखारी हैं. न वे भिखारी हैं और न ही हम भिखारी हैं." इससे पहले सोमवार को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लोकसभा चुनाव प्रभारी दिग्विजय सिंह ने कहा था, "हम भी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से समझौता करना चाहते हैं लेकिन इसके लिए हम भिखारी के रूप में कटोरा लेकर नहीं जाएंगे." भीख का कटोरा यूपीए सरकार को विश्वासमत दिलाने में समाजवादी पार्टी की भूमिका के बारे में दिग्विजय सिंह ने कहा, "समाजवादी पार्टी एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जिसने हमारी मदद भारतीय जनता पार्टी को पछाड़ने के लिए की और वह सफल भी साबित हुई. लेकिन हम भीख की कटोरी लेकर नहीं खड़े हैं. हम चाहते हैं कि वह ख़ुद निर्णय करें कि किसका साथ देना चाहते हैं."
उन्होंने कहा, "यह हमारी दोस्ताना लड़ाई है और इसमें नया कुछ नहीं है. 2004 में भी ऐसा ही हुआ था. बातचीत चल रही है और आपस में बैठकर समझौता भी संभव हो सकता है." अमर सिंह ने यह भी कहा, "मैं कोई कालिदास नहीं हूं कि जिस डाल पर बैठूं उसे ही काटने लगूं. जिस पौधे (यूपीए सरकार) को समाजवादी पार्टी ने पल्लवित किया उसे मिटा नहीं सकता, लेकिन कांग्रेस हमारा इस्तेमाल कर रही है." उन्होंने पत्रकारों से कहा, "सीटों के बंटवारे के संबंध में मेरी और दिग्विजय सिंह की बातचीत हुई है. उसके बाद लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से कांग्रेस को 15 से एक सीट भी ज्यादा नहीं दी जाएगी. हां, इस मुद्दे पर सोनिया गांधी और मुलायम जी के बीच कोई और सहमति बन जाए तो अलग बात है." अमर सिंह का कहना था, "समाजवादी पार्टी अन्य पार्टियों के कल्याण सिंह जैसी 'दुखी आत्माओं' की शरणस्थली बनी रहेगी." अमर सिंह के बयान पर टिप्पणी देने से इनकार करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह कोई वाकयुद्ध नहीं है और अगर वे मुझे इस योग्य समझते हैं तो यह उनकी मेहरबानी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पवार को प्रधानमंत्री स्वीकार करेंगे'15 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस सपा का चुनाव प्रचार करेंगे कल्याण 21 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस मुलायम, लालू, पासवान भाजपा पर बरसे04 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस सरकार के सवाल पर सपा का सस्पेंस25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अमर सिंह ने आडवाणी पर निशाना साधा15 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'डील के भीतर कोई डील नहीं है'09 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस बात चल रही है, रिश्ता पक्का नहीं02 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सपा के रुख़ पर टिकीं निगाहें 30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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