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शुक्रवार, 13 फ़रवरी, 2009 को 08:10 GMT तक के समाचार
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'पाकिस्तान तय करे कैसे रिश्ते चाहता है'
प्रणव
प्रणव ने कहा कि भारत चाहता है कि 'आतंक का तंत्र' नष्ट करने पर पाकिस्तान भरोसेमंद क़दम उठाए
भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में कहा है कि पाकिस्तान को ये तय करना होगा कि वह भारत के साथ कैसे रिश्ते चाहता है. मुंबई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव ख़ासा बढ़ा हुआ है.

मुंबई हमलों के बारे भारत के दस्तावेज़ों पर पाकिस्तान के जबाव को सकारात्मक कदम बताते हुए विदेश मंत्री ने लोकसभा में ये उम्मीद जताई कि पाकिस्तान वहाँ 'आतंकवाद के तंत्र' को नष्ट करने के लिए भरोसेमंद क़दम उठाएगा.

गुरुवार को मुंबई हमलों से संबंधित जाँच के क्रम में पाकिस्तान ने गुरुवार को पहली बार ये स्वीकार किया था कि हमलों की साज़िश का कुछ हिस्सा उसकी ज़मीन पर ही रचा गया.

जनता नहीं ज़िम्मेदार
 भारत-पाक संबंधों में हम उस मोड़ पर ख़ड़े हैं जब पाकिस्तान को ये तय करना है कि वह भारत के साथ कैसे संबंध चाहता है. बहुत कुछ पाकिस्तान जो करेगा उस पर निर्भर करेगा.हमारी पाकिस्तान की जनता से कोई लड़ाई नहीं है. उन्होंने इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए और इसीलिए हमने सोच-समझकर लोगों की बीच संपर्क पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है
विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी

पिछले साल नवंबर में मुंबई हमलों के क़रीब डेढ़ महीने बाद पाँच जनवरी को भारत ने पाकिस्तान को जानकारी सौंपी थी और मांग की थी कि वह कार्रवाई करे. इन हमलों में कम से कम 173 लोग मारे गए थे.

'लोगों के संपर्क पर पाबंदी नहीं'

संसद में विदेश मंत्री ने उस पूरी कार्रवाई की सूची पढ़कर सुनाई जो भारत सरकार ने मुंबई हमलों के सिलसिले में पाकिस्तान के संदर्भ में की है.

प्रणव मुखर्जी का कहना था, "भारत-पाक संबंधों में हम उस मोड़ पर ख़ड़े हैं जब पाकिस्तान को ये तय करना है कि वह भारत के साथ कैसे संबंध चाहता है. बहुत कुछ पाकिस्तान जो करेगा उस पर निर्भर करेगा."

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, "हमारी पाकिस्तान की जनता से कोई लड़ाई नहीं है. उन्होंने इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए और इसीलिए हमने सोच-समझकर लोगों की बीच संपर्क पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है."

उनका कहना था कि पाकिस्तान ने जो जानकारी माँगी है वह पाकिस्तान के जवाब और पूरे मुद्दे पर दोबारा नज़र डालने के बाद, यदि उचित समझा गया तो पाकिस्तान को दी जाएगी.

उन्होंने कहा, "भारत ये चाहता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद का तंत्र नष्ट किया जाए और जो आतंकवादियों के प्रशिक्षण देते हैं उन पर पाबंदी लगे. इन लोगों को मिलने वाले समर्थन ख़त्म हो. हम स्थिति का पुन: आकलन करेंगे और वो सब कदम उठाएँगे जो हम ज़रूरी समझेंगे."

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