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क़दीर ख़ान के सहयोगियों पर पाबंदी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के पूर्व प्रमुख अब्दुल क़दीर ख़ान से जुड़े लोगों और कंपनियों पर पाबंदी लगा दी है. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि 13 लोगों और तीन कंपनियों पर डॉक्टर ख़ान के साथ कथित अवैध तरीके से परमाणु तकनीक के हस्तांतरण में शामिल होने के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया है. विदेश मंत्रालय का कहना था कि इन प्रतिबंधों से परमाणु अप्रसार के काम में मदद मिलेगी. उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले क़दीर खान ने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक देने की बात स्वीकार की थी. पाकिस्तान को परमाणु जानकारी के प्रसार की बात खुलने के बाद काफ़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था. इसके बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने वर्ष 2004 में उन्हें उनके घर पर ही नज़रबंद करने के आदेश दे दिए थे. पाकिस्तान के शीर्ष परमाणु केंद्र के प्रमुख के रूप में वर्ष 2001 में अवकाश प्राप्त करने के बाद से अब्दुल क़दीर ख़ान वैज्ञानिक सलाहकार के पद पर काम कर रहे थे. अब्दुल क़दीर ख़ान को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है और उन्हीं के नेतृत्व में पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे. |
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