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'परमाणु तकनीक के लिए ज़िम्मेदार नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के प्रमुख वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने कहा है कि वे ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक देने के लिए ज़िम्मेदार नहीं थे. उल्लेखनीय है कि चार वर्ष पहले टेलीविज़न पर उन्होंने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक देने की बात स्वीकार की थी. एक अमरीकी अख़बार समूह को दिए गए इंटरव्यू में ख़ान ने कहा कि उन्होंने ईरान और लीबिया के लोगों का पश्चिमी कंपनियों से सिर्फ़ परिचय करवाया था जिन्होंने बाद में ज़रुरी जानकारी और तकनीक उन्हें दिया. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया को पाकिस्तान की सहायता की ज़रुरत नहीं थी. पिछले हफ़्ते बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में अब्दुल क़दीर ख़ान ने संकेत दिया था कि उन पर ये स्वीकार करने का दबाव था कि उन्होंने ही ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक दिया. दबाव उनका कहना था कि पाकिस्तान के परमाणु प्रसार की संदिग्ध गतिविधियों पर से पश्चिमी दबाव कम करने के लिए उन पर इस स्वीकारोक्ति का दबाव डाला गया था. अब्दुल क़दीर ख़ान को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है और उन्हीं के नेतृत्व में पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे. उल्लेखनीय है ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक देने के आरोपों के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की सरकार ने उन्हें नज़रबंद कर दिया था. पाकिस्तान में परमाणु परीक्षण की दसवीं वर्षगाँठ पर हाल ही में प्रमुख वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान के ख़िलाफ़ लगाई गई पाबंदियों में ढील दी गई. | इससे जुड़ी ख़बरें क़दीर ख़ान पर पाबंदियों में ढील28 मई, 2008 | भारत और पड़ोस अब्दुल क़दीर ख़ान घर से निकले22 मई, 2008 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ पर बरसीं क़दीर ख़ान की बेटी 02 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाक के परमाणु हथियारों पर अमरीका चिंतित07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'डॉक्टर क़दीर ख़ान की जान को ख़तरा' 06 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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