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'....तब राजनाथ पैदा भी नहीं हुए थे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और भारतीय जनता पार्टी के नेता रह चुके भैरों सिंह शेखावत ने कहा है कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी भले ही प्रधानमंत्री पद के दावेदार हों लेकिन अन्य लोग भी चुनाव लड़ सकते हैं. नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अगर उनका स्वास्थ्य अच्छा रहा तो वे अगला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने पत्र लिखकर राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कथित घोटालों के संबंध में कांग्रेस के आरोपों की जाँच की माँग भी की है. '...तब राजनाथ पैदा भी नहीं हुए थे' समाचार एजेंसियों के अनुसार पूर्व उपराष्ट्रपति शेखावत ने कहा कि भाजपा को चलाने वालों में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण अडवाणी और राजनाथ सिंह के अलावा वह भी थे. शेखावत ने कहा, "आडवाणी जी प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं लेकिन अन्य लोग भी लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. चुनाव लड़ने वालों में वे अकेले नहीं हैं." उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य ने साथ दिया और लोगों ने चाहा तो वे अगला आम चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य में सुधार हो तो अटल बिहारी वाजेपयी को भी चुनाव लड़ना चाहिए. जब उनसे भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के इस बयान पर प्रतिक्रया माँगी गई जिसमें उन्होंने कहा था कि जो गंगा नहा लेता है वह कुएँ में डुबकी नहीं लगाता है, तो शेखावत ने कहा, "मैं गंगा में डुबकी लगा सकता हूँ, लेकिन कुएँ में भी नहाऊँगा." राजनाथ सिंह पर कटाक्ष करते हुए शेखावत ने कहा, "जब मैंने भाजपा की सदस्यता ली थी उस समय राजनाथ सिंह पैदा भी नहीं हुए थे. उन्हें पार्टी को समझने में समय लगेगा." उन्होंने स्पष्ट किया कि लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह के साथ उनका किसी तरह मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा, "लालकृष्ण आडवाणी या अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ़ जाने का सवाल ही नहीं है, वर्षों से हमारे बीच पारिवारिक संबंध हैं. मैं जल्द ही आडवाणी जी से मिलूँगा." घोटालों की जाँच उधर, राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, "मुझे भैरो सिंह शेखावत की एक चिट्ठी मिली है. इसमें वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों की जाँच कराने की माँग की गई है." गहलोत ने कहा कि जयपुर विकास प्राधिकरण में हुए ज़मीन घोटाले, वसुंधरा सरकार के कुछ मंत्रियों के फ़ोन टेप करने और कथित फ़र्ज़ी पुलिस मुठभेड़ों की शुरुआती जाँच चल रही है. उनका कहना था कि उनकी सरकार किसी के ख़िलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं करेगी. |
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