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भैरों सिंह शेखावत ने इस्तीफ़ा दिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिभा पाटिल से पराजित होने के बाद भैरों सिंह शेखावत ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने पाटिल को जीत की बधाई दी है. पाटिल की जीत की घोषणा होते ही शेखावत सीधे राष्ट्रपति भवन पहुँचे और राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. अपने इस्तीफ़े में उन्होंने सहयोग और दिशा निर्देश देने के लिए राष्ट्रपति कलाम का धन्यवाद किया है. वैसे शेखावत बतौर निर्दलीय प्रत्याशी राष्ट्रपति पद की होड़ में शामिल हुए थे लेकिन उन्हें विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन हासिल था. हालाँकि एनडीए के कई घटक दलों ने उनके बज़ाए पाटिल का समर्थन करने की पहले ही घोषणा कर दी थी. 84 वर्षीय शेखावत ने एक बयान जारी कर कहा कि वह सम्मानपूर्वक अपनी हार स्वीकार करते हैं. उन्होंने कहा है, "मैं गरीबों और वंचित तबके के लिए काम करता रहूंगा ताकि वे अपने मौलिक अधिकारों का गरिमापूर्ण तरीके से इस्तेमाल कर सकें." राष्ट्रपति भवन में इस्तीफ़ा देने के तुरंत बाद ही उन्होंने सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करना बंद कर दिया और वे निजी कार से वापस लौटे. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत को मिली पहली महिला राष्ट्रपति21 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस जीत के रंग से रंगे दो गाँव21 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भैरोसिंह शेखावत ने संपत्ति का ब्यौरा दिया14 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस उपराष्ट्रपति का चुनाव 10 अगस्त को05 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'सर्वोच्च पद की गरिमा कम न करें'04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस शिवसेना प्रतिभा पाटिल का समर्थन करेगी25 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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