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'नतीजों को स्वीकार करे विपक्ष' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में सात साल बाद हुए आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली शेख हसीना ने विपक्ष से अपील की है कि वो इन नतीजों को स्वीकार करे. हसीना ने आम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत को देश की जीत बताया है. शेख़ हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेतृत्व वाले 14 दलों के गठबंधन ने इन चुनावों में नेशनल असेंबली की तीन सौ में से 260 से अधिक सीटें जीती हैं. राजधानी ढाका में बुधवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शेख हसीना ने कहा कि वह सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं. निष्पक्ष चुनाव उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता के फ़ैसले को स्वीकार करना चाहिए क्योंकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुए हैं. शेख हसीना ने अवामी लीग की जीत को कुप्रशासन पर अच्छे प्रशासन की और चरमपंथ पर शांति की जीत बताया. शेख़ हसीना की चिर प्रतिद्वंदी और पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया ने चुनाव परिणामों को अस्वीकार करते हुए इनमें धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हम चुनाव में हुई धांधली की जानकारियाँ एकत्र कर रहे हैं. ख़ालिदा ने कहा कि इन जानकारयों को मीडिया और संबंधित अधिकारियों के सामने भी पेश किया जाएगा. ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को इन चुनावों में केवल 31 सीटें ही मिली हैं. स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि आम चुनाव के नतीजों में बांग्लादेश की जनता की भावना व्यापक रूप से प्रकट हुई है. राष्ट्रमंडल देशों के पर्यवेक्षकों ने एक बयान में इन चुनावों को निष्पक्ष बताते हुए कहा कि इस चुनाव से देश में दो साल से सेना की मदद से चल रही कार्यकारी सरकार का अंत हुआ है. इन पर्यवेक्षकों ने बांग्लादेश के नेताओं से अपील की कि वे समस्याओं से निपटने के लिए एकसाथ मिलकर काम करें. बांग्लादेश में दो साल तक सेना की मदद से एक कार्यकारी सरकार ने सत्ता में थी. |
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