BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 30 दिसंबर, 2008 को 06:21 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
शेख हसीना की पार्टी को स्पष्ट बहुमत

अवामी लीग समर्थक
चुनाव परिणाम को लेकर अवामी लीग के समर्थक उत्साहित हैं

बांग्लादेश के संसदीय चुनावों के सभी घोषित परिणामों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने चुनावों में बड़ी जीत हासिल कर ली है.

बांग्लादेश के चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि अवामी लीग को संसद की कुल 300 सीटों में से 200 से भी ज़्यादा सीटें मिल चुकी हैं जो ज़बर्दस्त बहुमत है. जबकि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की ख़ालिदा ज़िया को इसका दसवाँ हिस्सा ही मिल पाया है.

भारत ने बांग्लादेश की जनता को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों के लिए बधाई दी है जिससे देश में प्रजातंत्र की बहाली हुई है.

भारत ने कहा है कि बांग्लादेश में शेख हसीना की अवामी लीग को मिली ऐतिहासिक जीत दक्षिण एशिया में प्रजातांत्रिक राजनीति के लिए एक अच्छा संकेत है.

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि बांग्लादेश के लोगों ने एक सुर में प्रजातंत्र में अपना विश्वास जताया है और विकास और प्रगति की इच्छा प्रकट की है.

दो साल के सैनिक शासन समेत सात साल बाद हुए इन संसदीय चुनावों में भारी संख्या में मतदान हुआ था.

अवामी लीग की यह जीत देश की दोनों पार्टियों के बीच ज़ोर आजमाइश का नतीजा है. इससे पहले 2001 में हुए चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की थी.

अनियमितता का आरोप

चुनाव आयोग के अधिकारी एसएम असदुज़्ज़मन ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि अवामी लीग़ ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है और वह बिना किसी पार्टी की सहायता के सरकार बना सकती है.

उन्होंने कहा कि अब तक घोषित 295 सीटों के परिणामों में अवामी लीग़ ने 229 पर विजय हासिल की है.

शेख़ हसीना मतदान से ख़ुश हैं

एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने मात्र 25 सीटें जीती हैं जबकि इसके एक सहायक दल जमात-ए-इस्लामी ने अपनी ज़्यादातर सीटों को खो दिया है.

नेशनलिस्ट पार्टी ने चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है. पार्टी के एक नेता रिज़वी अहमद ने कहा कि उनसे समर्थकों को मतदान नहीं करने दिया गया और वे इसकी शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं.

आने वाले दिन ख़ालिदा ज़िया के लिए मुश्किल का दौर होगा क्योंकि कुछ सीटों के साथ न तो उनके पास शिकायत का मौका होगा और न ही मज़बूत विपक्ष के रुप में ही वो स्थापित हो सकेंगी.

उल्लेखनीय है कि कड़ी सुरक्षा के बीच बांग्लादेश में क़रीब 70 फ़ीसदी मतदान हुआ था.

बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एटीएम शमसुल हुदा ने मतदान में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया और कहा है कि अच्छी संसद का गठन होगा.

ठंड के बावजूद बांग्लादेश में मतदान के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी गईं थीं. मतदान के लिए लोगों में काफ़ी उत्साह था.

मुख्य मुक़ाबला

इस बार भी 300 सीटों वाली संसद के लिए मुख्य मुक़ाबला शेख़ हसीना की आवामी लीग और ख़ालिदा ज़िया के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच था.

ख़ालिदा ज़िया चुनावों में मुख्य दावेदार हैं

बांग्लादेश की राजनीति में दोनों नेताओं ने अपने अपने गठबंधन बनाए है. आवामी लीग के महाजोत में 14 दल शामिल हैं जिसमें पूर्व राष्ट्रपति शेख इरशाद की जातीय पार्टी भी है.

दूसरी ओर ख़ालिदा ज़िया के चार दलों के गठजोड़ में जमाते इस्लामी शामिल है.

इससे पहले 2001 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सत्ता में थी जिसके कार्यकाल के समापन पर कार्यकारी सरकार ने सेना की मदद से दो साल तक शासन किया.

प्रचार के लिए केवल 16 दिनों का समय था और नेताओं ने देश भर में सभाएं की और सस्ते खाने, भ्रष्टाचार से लड़ने, रोज़गार बढ़ाने जैसे वादे किए.

बांग्लादेश की दोनों प्रमुख नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल की सज़ा काटनी पड़ी थी और चुनाव के पहले उन्हें रिहा किया गया था.

शेख हसीना और ख़ालिदा ज़िया बांग्लादेश चुनाव
चुनाव प्रचार अपनी चरम पर है और राजधानी ढाका पोस्टरों से भरी पड़ी है.
बांग्लादेश में चुनावी पोस्टर सियासी दलों का ब्यौरा
बांग्लादेश के चार मुख्य राजनीतिक दलों का अपना-अपना रोचक इतिहास है.
अल्पसंख्यकों की कहनी
बांग्लादेश के हिंदुओं को संभावित चुनावी हिंसा का डर सता रहा है.
शेख हसीनाहसीना को आज़ादी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री को इलाज के लिए जेल से रिहा किया गया है.
इससे जुड़ी ख़बरें
बांग्लादेश में इमरजेंसी हटाई गई
16 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
बांग्लादेश में चावल की भारी किल्लत
04 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>