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डेनमार्क के तीन सैनिक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डेनमार्क के सैन्य अधिकारियों के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद प्रांत में हुए एक धमाके में उनके तीन सैनिक मारे गए हैं और एक घायल हुआ है. समाचार एजेंसियों के अनुसार इन सैनिकों का वाहन या तो किसी बारुदी सुरंग या फिर किसी बम का निशाना बना है. ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में डेनमार्क के 700 सैनिक उन विदेशी सेनाओं में शामिल हैं जो सुरक्षा प्रदान करने काम में जुटी हुई हैं. वर्ष 2002 से अफ़ग़ानिस्तान में डेनमार्क के 22 सैनिक मारे गए हैं. नीदरलैंड का सैनिक भी मारा गया ख़बर है कि डेनमार्क के सैनिकों का वाहन एक सप्लाई कारवान का हिस्सा था जो हेलमंद के गेरेश्क नगर के पास से गुज़र रहा था. डेनमार्क के प्रधानमंत्री एंडर्स फ़ॉग़ रासमुसेन ने ताज़ा घटना को अफ़ग़ानिस्तान में देश की सेनाओं के लिए अब तक की सबसे बड़ी क्षति बताया है. एक अलग घटना में नीदरलैंड का एक सैनिक तब मारा गया जब उसने उरुज़गान प्रांत में तालेबान के साथ चल रही एक झड़प के दौरान एक बारूदी सुरंग पर कदम रखा. नीदरलैंड के सैनिक वर्ष 2006 से अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सेना का हिस्सा है और अब तक हिंसक घटनाओं में उस देश के 18 सैनिक मारे गए हैं. महत्वपूर्ण है कि 13 दिसंबर को दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में ही दो अलग-अलग धमाकों में चार ब्रितानी रॉयल मरीन सैनिक मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान युद्ध जीतने का तालेबान का दावा14 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ब्रिटेन ने भारत की हिमायत की20 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान शरणार्थियों की वापसी के प्रयास19 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीकी दूतावास के पास धमाका27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस तेज़ाब हमले के सिलसिले में गिरफ़्तारी25 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस सैन्य आपूर्ति वाले ट्रक जलाए गए07 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'पश्चिम देशों के सैनिक और हताहत होंगे'07 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'दक्षिण एशिया में नई रणनीति की ज़रूरत'08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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