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'पश्चिम देशों के सैनिक और हताहत होंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तालेबान के नेता मुल्ला उमर ने नैटो सेना को अफ़ग़ानिस्तान से हटने की चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में वहाँ हिंसा और फैल सकती है. पिछले एक साल में पहली बार दिए सार्वजनिक बयान में मुल्ला उमर ने कहा है कि अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों की संख्या बढ़ाने का फ़ैसला किया है जिससे संघर्ष और तेज़ होंगे. उन्होंने कहा कि इससे पश्चिमी देशों के अधिक से अधिक सैनिक हताहत होंगे. तालेबान नेता ने कहा कि ऐसी कई घटनाएँ हो चुकी हैं जिनमें विदेशी सेना ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ मुहिम के दौरान निर्दोष नागरिकों की हत्याएँ की है. उनका कहना है कि इन घटनाओं से लड़ाकों का गुस्सा और भड़केगा. ऐसी चर्चाएँ चल रही है कि अफ़ग़ान सरकार और उसके पश्चिमी सहयोगी जिनके ख़िलाफ़ सैन्य मुहिम चला रहे हैं उनमें से कुछ के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरु कर सकते हैं. लेकिन मुल्ला उमर के बयान से लगता है कि वो पश्चिमी सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई को जारी रखने के लिए पहले की तरह प्रतिबद्ध हैं. मुल्ला उमर के बयान से कुछ घंटों पहले पाकिस्तानी में संदिग्ध चरमपंथी हमले में 90 से ज़्यादा ट्रकों को जला दिया गया जिनमें अफ़ग़ानिस्तान में तैनात पश्चिमी सैनिकों के लिए सामान भेजा जा रहा था. | इससे जुड़ी ख़बरें तालेबान ने करज़ई की पेशकश ठुकराई17 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस करज़ई की मुल्ला उमर को पेशकश16 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'मुल्ला उमर, ओसामा पाकिस्तान में हैं' 09 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान कमांडर मंसूर दादुल्ला बर्ख़ास्त29 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुल्ला उमर ने चेतावनी दी18 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान ने बातचीत की पेशकश ठुकराई30 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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