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सैन्य आपूर्ति वाले ट्रक जलाए गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी पुलिस के अनुसार देश के पश्चिमोत्तर इलाक़े में एक संदिग्ध चरमपंथी हमले में 90 से भी ज्यादा ट्रकों को जला दिया गया है. इन ट्रकों से अफ़ग़ानिस्तान में पश्चिमी देशों के सैनिकों के लिए सामान ले जाया जा रहा था. पुलिस का कहना है कि पेशावर के पास 250 बंदूक़धारियों ने रॉकेट और बंदूक़ो से टर्मिनल पर हमला किया जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस हमले में तबाह हुई लॉरियों में से कुछ ऐसी थीं जिन पर बख़्तरबंद गाड़ियाँ लदी हुई थी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ट्रकों पर पहले भी हमले हुए हैं, लेकिन इस स्तर का हमला पहले नहीं हुआ. अफ़ग़ानिस्तान की सीमा के पास तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चल रही कार्रवाई में पेशावर की ये सड़क अमरीकी और यूरोपीय सैनिकों के लिए सामान भेजने का एक महत्वपूर्ण रास्ता है. हर दिन 350 से ज़्यादा ट्रक सात हज़ार टन सामान लेकर ख़ैबर के रास्ते काबुल जाते हैं. हमला रविवार की रात को हुए इस हमले में लगभग 250 हमलावरों ने पोर्टवॉर्ड लॉजिस्टिक टर्मिनल पर हमला कर दिया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से पुलिस अधिकारी अज़ीम ख़ान ने कहा, "उन्होंने रॉकेट छोड़े, हैंड ग्रेनेड इस्तेमाल किए और 96 ट्रकों में आग लगा दी." एक सुरक्षाकर्मी ने बताया, "वे अल्लाहू-अकबर के नारे लगा रहे थे और अमरीका को बुरा कह रहे थे." मोहम्मद रफ़ीउल्लाह ने कहा, "वो टर्मिनल में घुस गए और उन्होंने हम से हथियार छीन लिए." एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक़ 106 लॉरियों में आग लगाई गई, जिनमें 62 लॉरियाँ वाहनों से भरी हुई थीं. पिछले महीने भी चरमपंथियों ने ख़ैबर के रास्ते सेना के लिए सामान ले जा रहे 12 ट्रक लूट लिए थे. अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी और नैटो सेनाओं के लिए सामान की आपूर्ति पाकिस्तान के ख़ैबर एजेंसी से होती है. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिकों की तैनाती की समयसीमा बढ़ी11 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना पश्चिम के साथ तनाव नहीं: करज़ई07 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना फिर चूका नैटो सेना का निशाना, 13 मरे20 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना अमरीका का ध्यान अब पाक सीमा पर10 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना आम नागरिकों की मौत रोकने पर ज़ोर17 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना तालेबान के साथ बातचीत की ख़बर!07 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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