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बातचीत में रुकावट आई हैः प्रणव मुखर्जी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि मुंबई में हाल के हमलों के बाद भारत-पाकिस्तान समग्र बातचात में रुकावट आई है. उन्होंने कहा, भारत पाकिस्तान से 'नतीजों की उम्मीद करता है, केवल आश्वासनों की नहीं.' ग़ौरतलब है मंगलवार को ही भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान पर सैन्य हमले के विकल्प के इनकार किया था. ग़ौरतलब है कि हाल में हुए मुंबई बम हमलों में भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि सभी दस चरमपंथी जिन्होंने इन हमलों को अंजाम दिया, वे पाकिस्तान के नागरिक थे. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव ख़ासा बढ़ गया था और अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने दोनों देशों की यात्रा कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की थी. उधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक के दिए एक इंटरव्यू में कहा है, "नॉन स्टेट एक्टर (यानी ऐसे लोग जिनकी कोई नागरिकता नहीं है) वाले अपने बयान से मैं पीछे नहीं हट रहा. मैं ये भी मार रहा हूँ कि मेरी धरती से जो कोई भी है वह मेरी ज़िम्मेदारी है." 'सबूत देना काफ़ी नहीं' भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुखर्जी ने कहा, "हम पाकिस्तान को पिछले दस मौकों पर सबूत दे चुके हैं. पाकिस्तान को सबूत देना काफ़ी नहीं है, पाकिस्तान इन सबूतों पर कार्रवाई करे, केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा." उनका कहना था, "पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए न होने का जो आश्वासन राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और राष्ट्रपति ज़रदारी हमारे प्रधानमंत्री को दे चुके हैं, उन पर कार्रवाई हो. हम चाहते हैं कि वहाँ आतंकवाद का मूलभूत तंत्र और ढांचा ध्वस्त हो. आंतक विरोधी साझा तंत्र लागू होना चाहिए, गृह सचिवों के स्तर पर बातचीत होनी चाहिए." भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में चल रहे विधानसभा चुनावों में लोगों के भाग लेने पर बात करते हुए मुखर्जी ने कहा, "मुंबई हमलों का कश्मीर से कोई वास्ता नहीं है. इनका केवल भारत और पाकिस्तान के संबंधों से भी वास्ता नहीं है. ये विश्व में चल रही आतंकवादी के ख़िलाफ़ लड़ाई का हिस्सा हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे कश्मीर के नज़रिए से न देखे." | इससे जुड़ी ख़बरें 'युद्ध की स्थिति है और हम एक हैं'11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कसाब को हिरासत में रखने का आदेश11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कठोर कदमों का इंतज़ार करें: गृहमंत्री11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'जमात लश्कर का अंग', नेताओं पर पाबंदी11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस आतंकवाद के मुद्दे पर संसद में बहस10 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारत क़साब से मिलने की अनुमति दे'10 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाक प्रधानमंत्री ने हिरासत की पुष्टि की10 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कसाब की कोर्ट में पेशी होगी आज10 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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