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कश्मीरः पाँचवे चरण में 57 प्रतिशत वोट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के पाँचवें चरण का मतदान पूरा हो गया है. जानकारी के मुताबिक पाँचवें चरण में 57 प्रतिशत मतदान हुआ है. कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू-कश्मीर के कुल 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ जिनमें कश्मीर घाटी की छह और जम्मू क्षेत्र की पाँच विधानसभा सीटों पर 179 उम्मीदवार मैदान में हैं. प्रदर्शन की इक्का-दुक्का घटनाओं और एक फ़ायरिंग को छोड़कर बाक़ी मतदान आम तौर पर शांतिपूर्ण रहा. बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि दोपहर बाद तक कई स्थानों से तेज़ मतदान के समाचार मिल रहे थे, यह पक्के तौर पर कहा जा सकता है कि मतदाताओं ने पिछले चुनाव के मुक़ाबले बहुत अधिक उत्साह दिखाया है. पुलवामा चुनाव क्षेत्र में कोइल और करीमाबाद में चुनाव विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं. कोइल में पुलिस की फ़ायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. कश्मीर घाटी में त्राल, पांपोर, पुलवामा, राजपुरा, वची और शूपयाँ में और जम्मू क्षेत्र में बानी, बसोली, कठुआ, बिलावर और हीरानगर चुनाव क्षेत्रों में वोटिंग हो रही है. चार चरणों में ख़ासा मतदान अलगाववादी गुटों कि चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बावजूद जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पिछले चार चरणों में ख़ासा मतदान हुआ है.
चौथे चरण में सात दिसंबर को 18 विधानसभा सीटों के लिए 55 प्रतिशत मतदान हुआ था. जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 87 चुनावी क्षेत्रों पर मुकाबले में मुख्य राजनीतिक दल हैं - नेशनल कॉन्फ़्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस. नेशनल कॉन्फ़्रेंस ने बेरोज़गारी दूर करने और मृतक चरमपंथियों के परिवारों को मदद देने का वादा किया है. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 'स्वशासन और ग्रेटर जम्मू-कश्मीर' के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है. उधर कांग्रेस ने विकास, पारदर्शी प्रशासन और युवाओं की बेरोज़गारी के मुद्दे उठाए हैं और भारतीय जनता पार्टी ने अनुच्छेद 370 पर ज़्यादा कुछ न कहते हुए जम्मू-कश्मीर के हिंदू बहुल क्षेत्र के साथ कथित भेदभाव के मसले उठाए हैं.
कुछ प्रमुख उम्मीदवार भी पाँचवें चरण के मतदान में 11 चुनावी क्षेत्रों में लगभग 1100 मतदान केंद्र हैं और कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. जो प्रमुख उम्मीदवार इस चरण में अपना भाग्य आज़मा रहे हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती और कांग्रेस नेता लाल सिंह है जो कठुआ से लोकसभा सांसद भी हैं. इन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के दौरान छुट-पुट घटनाओं के अलावा प्रचार शांतिपूर्ण तरीक़े से ही चला था. इन विधानसभा सीटों पर 179 उम्मीदवारों का चुनाव मैदान में होना एक रिकॉर्ड है. इनमें पाँच महिला उम्मीदवार और 58 निर्दलीय हैं. |
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