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चार ब्रितानी सैनिक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में दो अलग-अलग धमाकों में चार ब्रितानी रॉयल मरीन सैनिक मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत हेलमंद के सनगिन इलाक़े में सेना के वाहन को विस्फ़ोट से उड़ा दिया गया जिसमें एक सैनिक मारा गया. थोड़ी देर बाद सनगिन इलाक़े में ही एक और धमाका हुआ. इसमें दो सैनिक घटनास्थल पर ही मारे गए और तीसरे सैनिक ने अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ दिया. वर्ष 2001 से अब तक अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष में 132 ब्रितानी सैन्य कर्मचारी मारे गए हैं. 'ब्रिटेन अग्रिम पंक्ति में' ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के साथ संघर्ष ने ब्रिटेन के सशस्त्र बलों को 'आतंक़वाद के ख़िलाफ़ अग्रिम पंक्ति' में खड़ा कर दिया है. उन्होंने ब्रितानी रॉयल मरीन के चार सैनिकों के मारे जाने को 'दुखद क्षति' बताया. मारे गए सैनिकों के परिजनों को इस बारे में सूचित किया गया है. उन्होंने कहा, "हम अपने देश की सेवा करते हुए मारे गए बहादुर सैनिकों के परिवारों के साथ हैं. यह एक दुखद क्षति है. अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के साथ जंग ने हमारी सेनाओं को आतंक के ख़िलाफ़ अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है." सैन्य प्रवक्ता कमांडर पाउला रोव ने भी इसे एक "दुखद दिन" बताया. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान युद्ध जीतने का तालेबान का दावा14 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ब्रिटेन ने भारत की हिमायत की20 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान शरणार्थियों की वापसी के प्रयास19 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीकी दूतावास के पास धमाका27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस तेज़ाब हमले के सिलसिले में गिरफ़्तारी25 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस सैन्य आपूर्ति वाले ट्रक जलाए गए07 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'पश्चिम देशों के सैनिक और हताहत होंगे'07 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'दक्षिण एशिया में नई रणनीति की ज़रूरत'08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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