BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 06 दिसंबर, 2008 को 15:54 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'भारत ने पाकिस्तान को धमकी दी थी'
मुंबई के हमलों के बाद ज़रदारी पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया था
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ कूटनयिक ने आरोप लगाया है कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में सैनिक कार्रवाई करने की धमकी दी थी.

लंदन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने कहा कि भारत ने हमला करके पाकिस्तान को सबक सिखाने की योजना बनाई थी.

उनका कहना है कि भारत की ओर से हमले की आशंका को देखते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों ने आनन-फानन में अमरीकी और ब्रितानी सरकारों से संपर्क साधा जिन्होंने हस्तक्षेप करके स्थिति को संभाला.

वाजिद शम्सुल हसन ने पहले मीडिया में चली इन ख़बरों को ग़लत बताया कि किसी ने प्रणव मुखर्जी बनकर फ़ोन किया था जो फ़र्जी़ कॉल थी.

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने बीबीसी उर्दू सेवा से बातचीत में कहा, "ये फ़र्ज़ी कॉल नहीं थी, कॉलर की पहचान मालूम होने के बाद उसे राष्ट्रपति को मिलाया गया था, फ़ोन भारतीय विदेश मंत्रालय से आया था. यह कह देना कि हमने फ़ोन नहीं किया था यह फ़िज़ूल बात है."

 आपने देखा होगा कि ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन और विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने राष्ट्रपति ज़रदारी से बात की, दूसरी ओर अमरीकी विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से बात की, ऐसी बातें होक्स कॉल पर तो नहीं होतीं
वाजिद शम्सुल हसन, कूटनयिक

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा है कि भारत की ओर से ऐसा कोई फ़ोन नहीं किया गया, भारतीय अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष से एक ही बार बात हुई थी जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी दिल्ली में थे और वह बातचीत बहुत ही सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में हुई थी.

हसन ने कहा, "मुझे मेरे सूत्रों ने यहाँ लंदन में बताया था कि स्थिति बहुत गंभीर हो गई है और भारत पाकिस्तान के ऊपर हमला करने जा रहा है."

हसन ने कहा, "आपने देखा होगा कि ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन और विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने राष्ट्रपति ज़रदारी से बात की, दूसरी ओर अमरीकी विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से बात की, ऐसी बातें होक्स कॉल पर तो नहीं होतीं."

पाकिस्तान उच्चायुक्त ने कहा, "देखिए, परिस्थितिजन्य सबूत तो यही हैं कि ये लोग (भारतीय) तैयारी कर रहे थे कि जल्दी से एक हमला करके पाकिस्तान को सबक सिखा दिया जाए."

पाकिस्तान के प्रतिष्ठित समाचारपत्र 'द डॉन' ने शीर्षस्थ सूत्रों के हवाले से एक समाचार प्रकाशित किया था जिसमें कहा गया था कि ख़ुद को प्रणव मुखर्जी बताने वाले एक व्यक्ति ने राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी को फ़ोन करके कहा था कि अगर चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की गई तो भारत सैन्य शक्ति का प्रयोग करेगा.

'डॉन' में छपी ख़बर में कहा गया था कि अधिकारियों ने फ़ोन करने वाले की पहचान की पुष्टि किए बिना राष्ट्रपति को फ़ोन दे दिया था, बाद में ऐसे फ़ोन अमरीका की विदेश मंत्री को भी किए गए लेकिन अमरीकी अधिकारियों ने पूछताछ करने के बाद समझ लिया कि फ़ोन फर्ज़ी है इसलिए कॉन्डोलिज़ा राइस लाइन पर नहीं आईं.

इससे जुड़ी ख़बरें
मुंबई हमलों के बाद राइस का भारत दौरा
02 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
'मुंबई हमले की चेतावनी दी गई थी'
02 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
'भारत ने कोई पुख़्ता सबूत नहीं दिए'
03 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>