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मंगलवार, 02 दिसंबर, 2008 को 21:22 GMT तक के समाचार
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मुंबई हमलों के बाद राइस का भारत दौरा
कोंडोलीज़ा राइस और प्रणव मुखर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)
कोंडोलीज़ा राइस भारत के लोगों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने आ रही हैं
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों से उपजी परिस्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अमरीकी विदेशमंत्री कोंडोलीज़ा राइस बुधवार को दिल्ली पहुँच रही हैं.

कोंडोलीज़ा राइस भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाक़ात करेंगी.

अमरीकी विदेश मंत्री का भारत दौरा राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के इस आश्वासन के बाद हो रहा है कि अमरीका पूरी तरह से भारत के साथ है और वह मुंबई हमलों की जाँच में हर संभव मदद करेगा.

इसके पहले राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने रविवार को भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को फ़ोन किया था.

इस बातचीत में राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री सिंह को आश्वस्त किया था कि अमरीका भारतीय जनता के साथ है.

कोंडोलीज़ा राइस ने भारत यात्रा से पहले पाकिस्तान से कहा है कि वह हमलों की जाँच में भारत का पूरा सहयोग करे.

इधर मुंबई हमले के बाद सहानुभूति जताने अचानक मंगलवार को अमरीकी रिपब्लिकन सेनेटर और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे जॉन मैक्केन दिल्ली पहुँचे.

उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की. उनका कहना था कि अमरीका इस मामले में अमरीका भारत के साथ है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस मामले की जाँच में भारत के साथ पूरा सहयोग करना चाहिए.

भारत को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई न करने की सलाह देते हुए मैक्केन ने कहा कि हमलों से पहले दोनों देशों के रिश्तों में काफ़ी सुधार आया था.

उनका कहना था कि पाकिस्तान के कुछ तत्व इस माहौल को बेहतर होते नहीं देखना चाहते.

कूटनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि राष्ट्रपति बुश का आश्वासन और फिर कोंडोलीज़ा राइस का दौरा दोनों इस बात का संकेत हैं कि अमरीका चरमपंथी हमलों को लेकर चिंतित तो है ही, वह भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर संवेदनशील भी है.

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