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'भारत के साथ खड़ा है अमरीका' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के सिलसिले में उनका देश भारत के साथ है. ओबामा ने भी भारतीय प्रधानमंत्री से बात की है. उन्होंने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा, "हत्यारों ने जो किया वो काफी क्रूर और हिंसक है लेकिन अंतिम जीत आतंक की नहीं हो सकती. भारत के लोग काफी मज़बूत हैं. वो इस त्रासदी से निपट सकते हैं." बुश का कहना था, "ऐसे समय में जब भारत इन हमलों की जाँच कर रहा है हम पूर्ण सहयोग का वादा करते हैं ताकि दोषियों को सज़ा दिलाई जा सके." उन्होंने इसे मानवीय प्रतिष्ठा पर हमला बताया और कहा, "भारत के नेताओं को बता दूँ कि दुनिया भर के देश उनके साथ हैं. मैं कहना चाहूंगा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र जिन स्थितियों से गुजर रहा है उसमें दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र उनके साथ खड़ा है." अमरीकी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और भारत में अमरीकी राजदूत डेविड मलफ़ोर्ड से वीडियोकॉंफ़्रेंसिग के ज़रिए मुंबई की स्थिति की समीक्षा की है. इससे पहले शुक्रवार रात को नवनिर्वाचित अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टेलीफ़ोन से भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात की. इस बीच समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई का एक दस्ता भारत रवाना हो चुका है. अमरीकी विदेश मंत्रालय ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी कर कहा है कि उनको अभी भी ख़तरा हो सकता है. |
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