|
कोंडोलीज़ा राइस भारत आएँगीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों से उपजी परिस्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने विदेशमंत्री कोंडोलीज़ा राइस को दिल्ली भेजने का फ़ैसला किया है. डॉ राइस बुधवार को दिल्ली आयेंगी और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाक़ात कर अमरीकी मदद का भरोसा दिलाएँगीं. अमरीकी विदेशमंत्री का भारत दौरा राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के इस आश्वासन के बाद हो रहा है कि अमरीका पूरी तरह से भारत के साथ है और वह इन हमलों की जाँच में हर संभव मदद देगा. कूटनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि राष्ट्रपति बुश का आश्वासन और फिर कोंडोलीज़ा राइस का दौरा दोनों इस बात का संकेत हैं कि अमरीका चरमपंथी हमलों को लेकर चिंतित तो है ही वह भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर संवेदनशील भी है. आश्वासन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शनिवार के बाद रविवार को एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को फ़ोन किया. जैसा कि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता गॉर्डन जॉनड्रो ने बताया, राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री सिंह को आश्वस्त किया है कि अमरीका भारतीय जनता के साथ है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार प्रवक्ता ने कहा, "राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री सिंह को बताया है कि उन्होंने सभी संघीय एजेंसियों सहित विदेश और रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिए हैं कि वे सभी ज़रुरी संसाधन और लोगों को इस मामले में लगा दें." प्रवक्ता के अनुसार बुश ने इस अवसर को यह दिखाने का अवसर भी बताया है कि पूरी दुनिया 'आतंकवाद से निपटने के लिए' एकजुट है. इसके बाद कोंडोलीज़ा राइस को भारत भेजने का निर्णय लिया गया है. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव डाना पैरिनो ने कहा, "कोंडोलीज़ा राइस का भारत दौरा लोगों के प्रति एकजुटता ज़ाहिर करना और चरमपंथियों को पकड़ने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराना है." कोंडोलीज़ा राइस सिर्फ़ बुधवार को दिल्ली में रहेंगीं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'जान-बूझकर यहूदी केंद्र पर हमला'30 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना 'भारत के साथ खड़ा है अमरीका'29 नवंबर, 2008 | पहला पन्ना हरकत में आने में कोई देर नहीं: एनएसजी30 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'सरकार की तरफ़ से तैयारी की कमी थी'30 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाटिल का इस्तीफ़ा, चिदंबरम बने गृह मंत्री30 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुठभेड़ ख़त्म, मुंबई में शोक का माहौल29 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस आईएसआई प्रमुख नहीं, प्रतिनिधि जाएँगे भारत 29 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||