BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 04 दिसंबर, 2008 को 14:06 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'जाँच में सहयोग कर रही है एफ़बीआई'
मुंबई के ताज होटल में लगी आग
मुंबई में पिछले सप्ताह हुए चरमपंथी हमले में 180 से अधिक लोग मारे गए थे.
अमरीकी एटार्नी जनरल माइकल मोकैश के मुताबिक अमरीकी जाँच एजेंसी (एफ़बीआई) के एजेंट भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए चरमपंथी हमले की जाँच और सबूत जमा करने में भारतीय अधिकारियों की मदद कर रहे हैं.

मोकैश ने यह नहीं बताया कि एफ़बीआई के एजेंट इस मामले में पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहे हैं या नहीं.

उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि भारत सरकार ने किस तरह का अनुरोध किया है लेकिन एफ़बीआई ऐसे सबूतों की तलाश कर रही हैं जिसे वह जुटा सकती है.

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि कहीं भी होने वाली चरमपंथी कार्रवाई जिसमें अमरीकी नागरिक हताहत होते हैं वहाँ अमरीका जाँच कर सकता है."

 मेरा मानना है कि कहीं भी होने वाली चरमपंथी कार्रवाई जिसमें अमरीकी नागरिक हताहत होते हैं वहाँ अमरीका जाँच कर सकता है
अमरीकी एटॉर्नी जनरल

मुंबई में पिछले सप्ताह हुए सुनियोजित चरमपंथी हमले में छह अमरीकी नागरिकों समेत 180 से अधिक लोग मारे गए थे.

जब उनसे पूछा गया कि भारत में हुए चरमपंथी हमले से क्या सबक मिले हैं तो उन्होंने कहा कि जहाँ अधिक हमले होते हैं वहाँ बेहतर ख़ुफ़िया और सुरक्षा व्यवस्था की जाए.

भारत के साथ

अमरीकी सेना के ज़्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन नई दिल्ली में हैं. उनका रक्षामंत्री एके एंटोनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और नौसेना अध्यक्ष और चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ कमेटी के अध्यक्ष एडमिरल सुरेश मेहता से मिलने का कार्यक्रम है.

उन्होंने मुंबई में हुए चरमपंथी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए दोहराया कि अमरीकी सेना चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारतीय सेना के साथ मिलकर काम करती रहेगी.

मुलेन ने इस हमले के ज़िम्मेदार लोगों की खोज में पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने की भारत की इच्छा के लिए धन्यवाद जताया.

दक्षिण एशिया में बढ़ रहे चरमपंथी हमलों से निपटने के लिए उन्होंने सभी देशों से मिलकर काम करने की अपील की.

हमलावर ब्रितानी थे?
इस बात की जाँच की जा रही है कि क्या मुंबई के हमलावर ब्रितानी थे?
पाकिस्तान में रैली'आरोप लगाना आदत है'
पाकिस्तान के आम लोग भारत के आरोपों को ज्यादा वज़न नहीं दे रहे हैं.
सर मार्क टलीक्या भारत जागेगा?
कई साल भारत में बीबीसी के संवाददाता रहे सर मार्क टली का आकलन...
इससे जुड़ी ख़बरें
कड़े और असरदार क़दम उठाए पाक: राइस
04 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
'भारत ने कोई पुख़्ता सबूत नहीं दिए'
03 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
देशमुख के उत्तराधिकारी का फ़ैसला
03 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
क्या भारत जागेगा?
03 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>