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दिल्ली में 60 फ़ीसदी मतदान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में विधानसभा चुनावों के लिए शनिवार को मतदान शांतिपूर्वक तरीके से हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक लगभग 60 फ़ीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. 70 सीटों वाली विधानसभा की 69 सीटों के लिए चुनाव हुआ है. राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा के उम्मीदवार पूरण चंद योगी के निधन के चलते इस सीट पर मतदान स्थगित कर दिया गया था. इस सीट के लिए मतदान अब 13 दिसंबर को होगा. राजधानी के 10,993 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ. मुंबई में चरमपंथी हमलों को देखते हुए राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए और क़रीब 52,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. राज्य के एक करोड़ पाँच लाख 82 हज़ार 369 मतदाता हैं जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 46.98 लाख है. विधानसभा की 69 सीटों के लिए कुल 863 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. मतगणना आठ दिसंबर को होगी. मुक़ाबला दिल्ली में पिछले दस साल से कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित विकास के नाम पर एक बार फिर सत्ता में आने की कोशिश कर रही हैं.
वहीं भाजपा महंगाई और चरमपंथ जैसे मुद्दों को लेकर मतदाता से कांग्रेस को हराने की अपील कर रही है. भाजपा ने वरिष्ठ नेता और सांसद विजय कुमार मल्होत्रा को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रुप में पेश किया है. वैसे तो दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुक़ाबला होता रहा है लेकिन माना जा रहा है कि इस बार बहुजन समाज पार्टी दोनों ही दलों के समीकरणों को प्रभावित करेगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के लिए यह चुनाव बहुत अहम् होंगे. क्योंकि वह तीसरी बार कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने की उम्मीद कर रही हैं. जबकि विपक्षी भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार वीके मल्होत्रा को उम्मीद है कि कांग्रेस सरकार से नाराज़ जनता भाजपा को नई सरकार बनाने का मौक़ा देगी. विश्लेषक मान रहे हैं कि पिछले तीन दिन से मुंबई में जारी चरमपंथी हमलों का असर भी चुनाव पर पड़ सकता है. एक तो भाजपा ने पहले से ही चरमपंथ को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था और मुंबई में बुधवार की रात से लगातार जारी चरमपंथी गतिविधियों के बाद गुरुवार के अखबारों में पार्टी ने ऐसे विज्ञापन भी छपवाए हैं जिनमें ताज़ा चरमपंथी हमलों का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस को कोसा गया है. दूसरी ओर विश्लेषकों का मानना है कि बहुजन समाज पार्टी कांग्रेस को दिल्ली में नुकसान पहुँचा सकती है. |
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