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ख़ुफ़िया प्रमुखों के बीच संपर्क की पेशकश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों के ख़ुफ़िया प्रमुखों के बीच संपर्क की पेशकश की है. चार दिनों के भारत दौरे पर आए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने यह प्रस्ताव रखा है. दूसरी ओर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अपने संदेश में मुंबई हमले की कड़ी निंदा की है. राष्ट्रपति ज़रदारी ने कहा है कि क्षेत्र से 'आतंकवाद' और उग्रवाद का ख़ात्मा करने के लिए कड़े क़दम उठाए जाने की आवश्यकता है. बयान पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री गिलानी ने भी मुंबई हमलों की निंदा की है और कहा है कि पाकिस्तान हमेशा से ही 'आतंकवाद' का विरोधी रहा है. लेकिन भारत दौरे पर आए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने मुंबई हमलों के बाद दोनों देशों के ख़ुफ़िया प्रमुखों के बीच हॉट लाइन संपर्क बनाए जाने की पेशकश की है. उन्होंने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के सामने यह प्रस्ताव रखा है. शाह महमूद क़ुरैशी ने मुंबई की घटना पर गहरा शोक जताया है और कहा है कि पाकिस्तान भारत को हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश 'आतंकवाद' की मार झेल रहे हैं इसलिए दोनों देशों को मिलकर इसका सामना करना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई: चरमपंथी हमले के बाद कमांडो ऑपरेशन जारी27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई: कई इलाकों में अचानक हुआ हमला27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस हमले देश के लिए चुनौती हैं: आडवाणी27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस भारत में हमलों की व्यापक निंदा27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई हमलों का ज़िम्मेदार कौन? 27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई के दिल पर हमला26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस केंद्र ने कमांडो और सेना के जवान भेजे26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'मैंने गोलियों की आवाजें सुनीं'26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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