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'एलटीटीई मुख्यालय पर कब्ज़ा जल्द' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सरकार का कहना है कि सेना देश के उत्तरी इलाक़े में तमिल विद्रोहियों के प्रशासनिक मुख्यालय किलीनोची पर कब्ज़ा करने के क़रीब है. ये तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के बड़े अड्डों में से एक है. कोलंबों में सेना के प्रवक्ता ने कहा कि कई दिन के घमासान के बाद उसे संकेत मिले हैं कि एलटीटीई उस इलाक़े और शहर के पीछे हटने की तैयारी कर रहा है. लेकिन एलटीटीई की ओर से किलीनोटी और उसके आसपास हो रही लड़ाई के बारे में कोई बयान नहीं आया है. एलटीटीई को ख़ासा नुकसान समाचार एजेंसियों के अनुसार श्रीलंका की सेना तमिल विद्रोहियों के मुख्य अड्डे की ओर लगातार बढ़ रही है. सेना के प्रवक्ता का ये भी कहना है कि सैनिक उत्तर-पूर्वी तटवर्ती मुल्लईटिवू शहर में भी दाख़िल होने के क़रीब हैं. माना जाता है कि एलटीटीई के अधिकतर लड़ाके, अन्य जगह से पीछे हटने के बाद, इस इलाक़े में जमा हुए हैं. श्रीलंका से अलग होकर तमिल राज्य की स्थापना करने के प्रयास कर रहे एलटीटीई के लिए पिछले कई महीनों की लड़ाई बहुत ही घाटे का सौदा रहा है और उसने अपने कब्ज़े वाला ख़ासा इलाक़ा सेना को खो दिया है. श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने स्पष्ट किया है कि उन्हें एलटीटीई के आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प मंज़ूर नहीं होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें किलीनोची के गांव पर सेना का कब्ज़ा20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस संघर्ष में श्रीलंका के कई सैनिक हताहत20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में संघर्ष, 'कई विद्रोही' मरे01 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका मे स्थितियाँ क़ाबू से बाहर18 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका से दो लाख लोग विस्थापित04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण संघर्ष जारी, 33 मरे17 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'हवाई हमले में घायल हुए प्रभाकरण'20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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