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किलीनोची पर क़ब्ज़े की कोशिश तेज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना का कहना है उत्तरी इलाक़े किलीनोची में तमिल विद्रोहियों के प्रशासनिक मुख्यालय को क़ब्ज़े में करने के लिए उसने सैन्य कार्रवाई शुरु कर दी है. रविवार की सुबह से तमिल विद्रोहियों के ठिकाने पर सेना तीन ओर से हमले कर रही है. किलीनोची में तमिल विद्रोहियों के राजनीतिक केंद्र, कोर्ट, पुलिस मुख्यालय और प्रशासनिक भवन स्थित हैं. सेना का कहना है कि इस कार्रवाई में दोनों पक्षों के लोग हताहत हुए हैं. श्रीलंका की सरकार तमिल विद्रोहियों को कुचल देना चाहती है ताकि उनके अलग राज्य की माँग के संघर्ष को ख़त्म किया जा सके. इससे पहले श्रीलंका के अधिकारी कह चुके हैं कि वो इस बार तमिल विद्रोहियों के 25 साल के संघर्ष को कुचलने के लिए प्रतिबद्ध हैं. श्रीलंका की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानायककारा के मुताबिक किलीनोची शहर के नजदीक़ बंकर लाइन पर कई ओर से हमले किए जा रहे हैं. सेना का कहना है कि तमिल विद्रोहियों की तरफ़ से सेना को कड़े मुकाबले झेलने पड़ रहे हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यदि किलीनोची को क़ब्ज़े में करने में श्रीलंका की सरकार सफल हो जाती है तो उसके लिए यह एक बड़ी सांकेतिक जीत होगी. हालांकि इसके बाद भी उत्तरी-पूर्वी इलाक़े में तमिल विद्रोहियों का प्रभुत्व रहेगा. पिछले 25 वर्षों में तमिल विद्रोहियों और श्रीलंकाई सेना के बीच संघर्ष में कम से कम 70 हज़ार लोग मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें किलीनोची के गांव पर सेना का कब्ज़ा20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस संघर्ष में श्रीलंका के कई सैनिक हताहत20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में संघर्ष, 'कई विद्रोही' मरे01 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका मे स्थितियाँ क़ाबू से बाहर18 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका से दो लाख लोग विस्थापित04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण संघर्ष जारी, 33 मरे17 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'हवाई हमले में घायल हुए प्रभाकरण'20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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