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जम्मू कश्मीर में पहले चरण की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर में 17 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए शनिवार को चुनाव प्रचार थम गया. उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में सात चरणों में मतदान होना है और सोमवार को पहले चरण में दस विधानसभा क्षेत्रों के लिए मत डाले जाएँगे. ये सीटें हैं पुँछ-हवेली, सूरनकोट, मेंधर, गुरेज, बांदीपुरा, सोनावाड़ी, नोबरा, लेह, करगिल, और जांस्कार. इनमें दो विधानसभा क्षेत्रों पुँछ-हवेली और मेंधर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की सीमा से लगते हैं. पुँछ के उपायुक्त मोहम्मद अफज़ाक ने बट ने जानकारी दी कि इन ज़िलों में पिछले कुछ दिनों में कोई चरमपंथी अथवा चुनावी संबंधी हिंसा की घटना नहीं घटित हुई है.
पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश और बर्फबारी ने प्रचार में बाधा डाली. इसके पहले नेशनल कॉन्फ़्रेंस ने अपील की थी कि ख़राब मौसम को देखते हुए चुनाव मार्च-अप्रैल तक टाल देने चाहिए. नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा था घाटी में शुरु हुई बर्फ़बारी के बाद लगता है कि चुनाव प्रचार और मतदान में दिक़्कत आएगी इसलिए चुनाव टाल देना चाहिए. लेकिन चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके पास घाटी में चुनाव करवाने के लिए आपात योजना तैयार है और चुनाव नहीं टाले जाएँगे. पहले चरण में बांदीपुरा ज़िले के तीन विधानसभा सीटों, जम्मू क्षेत्र के पुँछ ज़िले की तीन सीटों और लेह-करगिल ज़िलों की चार विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. |
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