|
मध्य प्रदेश में कांग्रेस का आरोपपत्र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत के तीन दिन बाद कांग्रेस पार्टी भी प्रचार अभियान में कूद पड़ी है. कांग्रेस ने भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आरोपपत्र जारी किया है. लगभग 100 पन्नों के रंगीन कवर वाले आरोपपत्र में कुपोषण, सांप्रदायिक दंगों, किसानों की आत्महत्याओं से लेकर बिहार, राजस्थान और झारखंड से भी नीचे पहुँच चुकी विकास दर का ज़िक्र है.
राज्य में ऊपर जाते क्राइम ग्राफ़ और बिजली की कमी का भी उल्लेख किया गया है. दिलचस्प बात ये है कि बिजली की कमी दूर करने के वादे पर ही भाजपा सत्ता में आई थी, लेकिन कांग्रेस का मुख्य फोकस भाजपा शासन में फैले कथित भ्रष्टाचार पर है. 'डम्पर सिंह' आरोप पत्र के कवर पर ही नोटों और 'डम्पर' की तस्वीर है. कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 'डम्पर सिंह' का नाम दिया है. ग़ौरतलब है कि डम्पर घोटाले में मुख्य मंत्री का नाम आया था. जिसमें एक उद्योगपति ने कथित तौर पर फायदा मिलने के बाद डम्पर की ख़रीद में उनकी मदद की थी. आरोपपत्र में राज्य सरकार के 'काले कारनामों की सूची' भी है जिसमें कांग्रेस ने दावा किया है कि वर्तमान सरकार में 100 से भी अधिक घोटाले हुए हैं जिसमें दवा ख़रीदने से लेकर, खदान लीज़ और पुस्तक छपाई तक शामिल है. कांग्रेस महासचिव नारायण स्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत राज्य के अठारह मंत्रियों के ख़िलाफ़ जाँच चल रही है. दांव उल्ट न जाए लेकिन जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने का दांव कहीं उल्टा न पड़ जाए, जबकि भाजपा ने कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा के पार्टी में टिकट के ख़रीद-फ़रोख्त के बयान को पहले ही उछाल दिया है.
वरिष्ठ पत्रकार राजेश चतुर्वेदी कहते हैं, " कांग्रेस को ऐसी हालत में आक्रामक होकर एक महिला निर्वाचन अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार, भाजपा के उमा भारती के साथ किए गए व्यवहार और बाबूलाल गौड़ के 'संबंधों' को मुद्दा बनाना चाहिए था." भ्रष्टाचार के बाद पार्टी ने पत्रिका में कुपोषण को भी तरजीह दे है और यह मुद्दा बैक कवर पर भी है एक कविता के रुप में शामिल किया गया है. माँ-बापू, मेरा दूध, दलिया, पोषण आहार/पूरा का पूरा कौन रहा डकार?/ मेरी मौत की ज़िम्मेदारी/क्या लेगी ये सरकार? हालाँकि दूसरी ओर भाजपा शासनकाल में 132 दंगे होने और सांप्रदायिक माहौल ख़राब होने का दावा कांग्रेस ने पत्र में किया है लेकिन पुस्तिका 'आतंकवाद' और हाल ही में मध्य प्रदेश से पकड़े गए कथित 'हिंदू आतंकवादियों' के मामले पर चुप है. जबकि कांग्रेस की ख़ोमोशी पर भाजपा के वरिष्ट नेताओं ने अपनी सभाओं में इस मुद्दे पर बार-बार कांग्रेस पर प्रहार करना शुरू कर दिया है. वैसे 1992 में विवादित बाबरी मस्जिद के ढहाने के बाद यहाँ उस वक्त की भाजपा सरकार बर्ख़ास्त हुई थी और बाद में हुए चुनाव में जनता ने सत्ता कांग्रेस को सौंपी. |
इससे जुड़ी ख़बरें भाजपा का नारा 'कांग्रेस में टिकट बिकते हैं' 13 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री गिरफ़्तार11 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मध्य प्रदेश में मंत्री न्यायिक हिरासत में11 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मार्गरेट अल्वा के इस्तीफ़े की ख़बरें11 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस टिकटें बाँटकर अब लड़ने को तैयार08 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मारग्रेट अल्वा के बयान पर हलचल07 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाँच राज्यों में चुनाव घोषित14 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||