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गुरुवार, 13 नवंबर, 2008 को 20:44 GMT तक के समाचार
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कुछ ही देर में मतदान होगा शुरु
बस्तर में सुरक्षा
बस्तर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 39 सीटों के लिए कुछ ही घंटों में मतदान शुरु होने वाला है.

मतदान से पहले सभी इलाक़ों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं क्योंकि इनमें से 12 सीटें नक्सल प्रभावित हैं जहां नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया है.

नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत मतदान सुबह सात बजे से तीन बजे तक ही किया जाएगा ताकि सूर्यास्त से पहले ही वोटिंग मशीनों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जा सके.

छत्तीसगढ़
विधानसभा क्षेत्र-90
मतदान- 14 नवंबर और 20 नवंबर
मतगणना- 8 दिसंबर

इन 39 सीटों के लिए कुल 379 उम्मीदवार मैदान में हैं. कांग्रेस, भाजपा और बसपा ने इन सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित पाँच मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे और नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा सहित कुल नौ पूर्व मंत्रियों के राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला आज मतपेटियों में बंद हो जाएगा.

कुल 90 विधानसभा सीटों में से 51 सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा. मतगणना आठ दिसंबर को होगी.

कड़ी सुरक्षा

छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य में दो चरणों में चुनाव करवाने का फ़ैसला चुनाव आयोग ने बस्तर के आदिवासी इलाक़ों को ध्यान में रखकर ही किया है.

बस्तर में चुनाव प्रचार
बस्तर में चुनाव प्रचार इस तरह भी करना पड़ा है क्योंकि बड़ी गाड़ियों को बारूदी सुरंग का ख़तरा था

छत्तीसगढ़ में मौजूद बीबीसी संवाददाता सलमान रावी का कहना है कि सूदूर इलाक़ों में न तो सुरक्षा बल पहुंच पाते हैं और न ही प्रशासन के अधिकारी.

संवादादाता के अनुसार कई इलाक़ों में माओवादियों के चुनाव बहिष्कार की अपील के कारण बिल्कुल सन्नाटा पसरा और चुनाव की कोई गहमागहमी नहीं है.

इन इलाक़ों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

कई संवेदनशील मतदान केंद्रों में चुनाव अधिकारियों को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया है.

चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत बस्तर में मतदान सुबह सात बजे से शाम तीन बजे तक ही किया जाएगा.

राजनीतिक दृष्टि से बस्तर की इन 12 सीटों को कांग्रेस अपनी परंपरागत सीट मानती रही थी लेकिन पिछले चुनाव में समीकरण बदला और कांग्रेस को सिर्फ़ तीन सीटें मिल सकीं.

इस बार कांग्रेस इन सीटों को फिर से हासिल करने की कोशिशों में लगी हुई है. हालांकि इस बार सीपीआई भी एक चुनौती की तरह उभरी है.

मुक़ाबला

जिन 39 सीटों पर शुक्रवार को मतदान होना है उसमें कई दिलचस्प और बड़े मुक़ाबले हैं.

बस्तर की बारह सीटों में से एक सीट नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा की भी है जो भाजपा और सीपीआई के बीच त्रिकोणीय मुक़ाबले में हैं.

भाजपा का प्रचार
रमन सिंह सरकार ने तीन रुपए किलो चावल को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया है

मुख्यमंत्री रमन सिंह इस बार डोंगरगाँव की सीट बदलकर राजनांदगाँव से चुनाव लड़ रहे हैं और ख़बरें हैं कि वहाँ उन्हें कांग्रेस के मौजूदा विधायक उदय मुदलियार से कड़ी चुनौती मिल रही है.

इसके अलावा इसी चरण में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे की सीट भिलाई में मतदान होना है, जहाँ उनके मुक़ाबले पूर्व मंत्री बदरुद्दीन क़ुरैशी मैदान में हैं.

इसके अलावा भाजपा सरकार में मंत्री रहे अजय चंद्राकर, हेमचंद्र यादव, लता उसेंडी और केदार कश्यप के राजनीतिक भविष्य का फ़ैसला इसी चरण में होना है.

केदार कश्यप राज्य के बड़े आदिवासी नेता और भाजपा सांसद बलीराम कश्यप के बेटे हैं.

वैसे कांग्रेस के मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा और अरविंद नेताम की बेटी प्रीति नेताम का चुनाव भी इसी चरण में होना है.

राज्य के पूर्व मंत्रियों में से नौ का राजनीतिक भविष्य इस चरण में दाँव पर है. इसमें महेंद्र कर्मा के अलावा विपक्ष के उपनेता भूपेश बघेल, गीतादेवी सिंह, मोहम्मद अक़बर, रवींद्र चौबे, ताम्रध्वज साहू, धनेश पाटिला और डेरहू प्रसाद धृतलहरे हैं.

जिन 39 सीटों पर शुक्रवार को मतदान होगा उनमें से 23 सीटों पर पिछली बार भाजपा ने कब्जा कर लिया था जबकि कांग्रेस के पास 10 सीटें आई थीं. शेष छह सीटें इस बार परिसीमन के बाद नई विधानसभा सीटों की तरह उभरी हैं.

कांग्रेस इस समीकरण को बदलने की कोशिशों में लगी हुई है जबकि भाजपा की चाहत है कि 2003 का चुनावी परिणाम इस बार भी दोहरा दिया जाए.

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