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दंतेवाड़ाः दो भाजपा नेताओं की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा में रविवार को एक हमले में भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं की हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि इन दोनों नेताओं की हत्या माओवादियों ने की है. इन वरिष्ठ नेताओं की हत्या के बाद से राजनीतिक दलों के प्रचारकों के बीच दहशत का माहौल है. इलाके में अपनी पार्टी के लिए वोट मांग रहे प्रचार वाहन भीतरी गांवों, कस्बों में जाने से बच रहे हैं और वहीं तक जा रहे हैं जहाँ तक सुरक्षाबलों की तैनाती है. पहले चरण में 14 नवंबर को होने वाले मतदान के मद्देनज़र इस इलाके को जैसे एक छावनी में तब्दील कर दिय गया है. राज्य में अगले कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने हैं और इस लिहाज से राज्य सरकार ऐसी घटनाओं से बचने की कोशिश कर रही है. सुरक्षा को लेकर चिंता इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि यह इलाका माओवादियों के व्यापक प्रभाव वाला है. यहाँ माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच आमने-सामने की लड़ाई वाली स्थिति है. माओवादियों ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वे चुनाव की प्रक्रिया में हिस्सा न लें. माओवादियों ने चुनावों का बहिष्कार करते हुए कुछ जगहों पर पर्चे बाँटकर चेतावनी दी है कि अगर लोगों ने मतदान किया तो हाथ काट लिए जाएंगे. चुनाव कराना है चुनौती दंतेवाड़ा और उसके आसपास बीजापुर, बस्तर का इलाका इस लिहाज से ख़ासा संवेदनशील माना जा रहा है और प्रशासन के लिए यहाँ चुनाव संपन्न कराना अब एक बड़ी चुनौती हो गया है. लोग इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं कि वे मतदान के दिन वोट डालेंगे या माओवादियों के बहिष्कार को ध्यान में रखते हुए घरों में रहेंगे. छत्तीसगढ़ के इस इलाके में पार्टियों के स्टार प्रचारक भी आने से कतरा रहे हैं. राज्य में कांग्रेस अध्यक्षा से लेकर नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह तक की रैलियाँ हो रही हैं पर ये नेता शहरी इलाकों पर ही ध्यान दे रहे हैं और वहीं रैलियाँ कर रहे हैं. इसकी बड़ी वजह सुरक्षा की चिंता है. यह भी ध्यान देने वाला पक्ष है कि इस इलाके में कई स्थानों पर बारूदी सुरंगें बिछी होने की आशंका रहती है. ऐसे में सड़क के रास्ते भीतरी इलाकों में जाकर प्रचार का काम करना और वोट माँगना आसान नहीं रह जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें सीआरपीएफ़ के 12 जवान मारे गए20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ का राजनीतिक परिदृश्य04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस सलवा जुड़ुम पर कार्रवाई की माँग15 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सलवा जुड़ुम बंद हो: योजना आयोग21 मई, 2008 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़, 19 मरे18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में चार जवान मारे गए03 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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