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देखते ही देखते पान बज़ार में मची अफ़रा-तफ़री... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में गुरुवार को हुए सिलसिलेवार धमाकों में से एक राजधानी गुवाहाटी के पान बाजार इलाक़े में हुआ. उस समय मैं वहाँ मौजूद था. वहाँ मैंने जो दिल दहला देने वाला मंज़र देखा, वो इस प्रकार है: मैं अपने बड़े भाई के साथ गुवाहाटी के पान बाज़ार में स्थित चीफ़ ज़्यूडिशियल कोर्ट परिसर में गया था. यह गुवाहाटी का एक प्रमुख इलाक़ा है जहाँ अनेक सरकारी विभागों के कार्यालय हैं. गाड़ियों में आग हम दोनों वहाँ पहुँचे और अपनी मोटरसाइकिल पार्क कर आगे बढ़े ही थे कि ज़ोरदार धमाका हुआ. जिस समय धमाका हुआ उस समय मैं सड़क के एक पार था और मेरे भाई दूसरी तरफ़ स्थित स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के अंदर पहुँच गए थे. धमाके के बाद वहाँ खड़ी तीन-चार सौ मोटरसाइकिलों में आग लग गई और वे जल कर राख हो गईं. इनमें मेरी अपनी मोटरसाइकिल भी थी. धमाके के बाद वहाँ काफ़ी अफ़रा-तफ़री का माहौल था. लोग इधर-उधर भाग रहे थे. मैं भी अपने बड़े भाई को तलाश कर रहा था. दीपावली की दो दिन की छुट्टी के बाद गुरुवार को शहर के बैंक और सरकारी कार्यालय खुले थे. इसलिए जब धमाका हुआ तब वहाँ काफ़ी भीड़ थी. धमाके के बाद लोग इधर-उधर भागने लगे. धमाके के बाद घटनास्थल पर फ़ायर ब्रिगेड से पहले पुलिस पहुँची. फ़ायर ब्रिगेड स्टेशन काफ़ी नज़दीक होने के बाद भी फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ वहाँ देर से पहुँचीं. इसीलिए धमाके के बाद वहाँ लगी आग को बुझाने में काफ़ी समय लगा जिससे लोग ख़ासे नाराज़ हो गए. आग से जलने वाली गाड़ियों की संख्या भी अधिक थी. इसलिए भी आग बुझाने में अधिक समय लगा. मैंने वहाँ बहुत से घायलों को कराहते देखा. किसी के सीने में चोट लगी थी तो किसी के हाथ और पैर में लेकिन मैंने वहाँ कोई शव नहीं देखा. धमाका होने के बाद वहाँ की फ़ोन लाइनें भी जाम हो गईं. लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों का हालचाल जानने के लिए लगातार फ़ोन कर रहे थे. फ़ोन लाइनें जाम होने से लोगों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों का गुस्सा फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ियों के देर से पहुँचने से नाराज़ लोगों ने गणेशपुरी इलाक़े में फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर पथराव किया. सीरियल धमाकों को देखते हुए शहर स्कूल-कॉलेज, सरकारी और निजी कार्यालय बंद कर दिए गए. लोग अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूलों की ओर पहुँच रहे हैं. शहर में बस व्यवस्था बंद होने जाने के कारण दूर-दराज़ के इलाक़ों से गुवाहाटी आए लोगों को घर लौटने में काफ़ी परेशानी हो रही है. लोग पैदल ही अपने घर की ओर भाग रहे हैं. प्रशासन ने दिसपुर इलाक़े में लोगों का गुस्सा देखते हुए और क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. (दिल्ली स्थित बीबीसी संवाददाता नादिया परवेज़ से फ़ोन पर हुई बातचीत पर आधारित) |
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