|
गुब्बारे वाले बच्चे ने देखा दहशतगर्द को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कनॉट प्लेस पर गुब्बारे बेचने वाले एक दस वर्षीय लड़के ने बाराखंभा रोड पर बम रखने वाले व्यक्ति को देखा था. राहुल नाम के इस लड़के ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि बाराखंभा रोड पर कूड़े के डिब्बे में एक बड़ा सा पैकेट रखने वाले व्यक्ति का हुलिया कैसा था. धमाके के प्रत्यक्षदर्शी राहुल ने बताया कि कनॉट प्लेस की बाराखंबा रोड पर गुब्बारे बेचते वक्त उसने देखा कि एक ऑटो रिक्शा से दो लोग उतरे जिनमें से एक ने काला कुर्ता पहना हुआ था. दाढ़ी मूँछ वाले उस दुबले पतले व्यक्ति के हाथ में एक काला पॉलिथिन था जिसे वह कूड़े के डब्बे में रखकर तुरंत चला गया. राहुल के अनुसार उनके जाने के कुछ ही देर में धमाका हो गया. पुलिस का कहना है एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "हालांकि यह ज़रूरी नहीं है कि जो वह कह रहा है, वह सही ही हो लेकिन हम उसके बताए हुलिए के अनुसार उस व्यक्ति का स्केच बनवाएंगे. और अगर वह जो कह रहा है वह सही हुआ तो हमें इस दिशा में ख़ासी सफलता मिल सकती है." संयुक्त पुलिस कमिश्नर अजय कश्यप ने रविवार को कहा, "हमने उसे सवाल जवाब के लिए अपने पास रखा है. हालांकि अभी हमारी प्राथमिकताएं कुछ और हैं, उन्हें निपटाने के बाद बहुत जल्दी हम राहुल से बात करेंगे." बम विस्फोट होने के तुरंत बाद एक अफ़वाह फैली थी कि दहशतगर्दों ने इस बच्चे के पेट से बम बाँध दिया था. जबकि बाद में इस बालक ने बताया कि उसके पेट से बम नहीं बल्कि गुब्बारे ही बंधे हुए थे. |
इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली धमाकों के बाद अलर्ट, कुछ को हिरासत में लिया14 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पिछले सिलसिलेवार धमाके13 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस दिल्ली में पाँच धमाके, 20 की मौत13 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'धुँए के बीच लोगों को नीचे पड़े देखा'13 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस हमले अमानवीय कृत्य हैं: पाकिस्तान13 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||