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पूर्व राजा ज्ञानेंद्र पर गिरी 'बिजली' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र को क़रीब 10 लाख डॉलर के बकाए बिजली बिल का भुगतान पंद्रह दिन के अंदर करने को कहा गया है. नेपाली रुपए में यह बिजली बिल आठ करोड़ का बैठता है. नेपाल बिजली प्राधिकरण (एनईए) ने कहा है कि अगर उन्होंने बकाए बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं किया तो उनके घरों की बिजली काट दी जाएगी. प्राधिकरण के अनुसार ज्ञानेंद्र के 22 महलों और घरों का कुछ वर्षों का बिजली बिल बकाया है. प्राधिकरण ने उनसे बकाए बिल का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कहा है. मई में राजतंत्र ख़त्म होने के बाद नेपाल पर दो शताब्दी से शासन कर रहे इस परिवार पर इसे एक और आघात माना जा रहा है. पूर्व महाराज ज्ञानेंद्र की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. ज्ञानेंद्र और उनके परिवार के पास अभी भी राजधानी काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में कई घर हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में नेपाल बिजली प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी दीपक प्रसाद उपाध्याय ने कहा, "उन्हें बिल का भुगतान करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है." उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने बिल का भुगतान नहीं किया तो उनके घर की बिजली काट दी जाएगी" काठमांडू में बीबीसी संवाददाता सुरेंद्र फुयाल ने कहा कि यह पूर्व राज परिवार पर दबाव बनाने की एक चाल भी हो सकती है. अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बिजली के ये बिल कितने समय के और उनके किन-किन घरों के हैं. नेपाल के पूर्व महाराज ज्ञानेंद्र इस साल जून में शाही महल नारायणहिटी पैलेस को छोड़कर काठमांडू के बाहरी इलाक़े में स्थित नागार्जुन महल में रहने चले गए थे. नारायणहिटी में 2001 में हुए अपने बड़े भाई और उनके परिवार की हत्या के बाद ज्ञानेंद्र उसमें रहने लगे थे. |
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