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सोमवार, 02 जून, 2008 को 13:42 GMT तक के समाचार
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'पंद्रह दिनों में शाही महल छोड़ देंगे ज्ञानेंद्र'
नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र देश में एक आम नागरिक के तौर पर रह सकते हैं
नेपाल के गृहमंत्री के मुताबिक़ नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र काठमांडू स्थित शाही महल पंद्रह दिनों के अंदर छोड़ने और एक आम आदमी के तौर पर रहने को राज़ी हो गए हैं.

नेपाल के गृह मंत्री कृष्ण प्रसाद सितौला ने कहा, "ज्ञानेंद्र ने शालीनता से एक आम नागरिक की तरह नेपाल में रहना स्वीकार कर लिया है. उन्होंने संविधान सभा की पहली बैठक में लिए गए निर्णय का स्वागत किया है."

उधर माओवादी नेताओं ने कहा कि शाही महल को एक संग्रहालय में तब्दील कर दिया जाएगा.

हालांकि पत्रकारों का कहना है कि ज्ञानेंद्र ने अपने रहने के ठिकाने और सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

 ज्ञानेंद्र ने एक आम नागरिक की तरह नेपाल में रहना स्वीकार कर लिया है. उन्होंने संविधान सभा की पहली बैठक में लिए गए निर्णय का स्वागत किया है
नेपाल के गृह मंत्री, कृष्ण प्रसाद सितौला

सितौला ने कहा कि पूर्व राजा काफ़ी शांत दिख रहे थे और उनकी बातों से ऐसा कहीं नहीं लग रहा था कि वे शाही महल छोड़ने का विरोध करेंगे.

उन्होंने कहा कि वैसे राजा ने अपनी माँ पूर्व महारानी रत्ना और अपने लिए आवास ढूंढ़ने में सरकार से मदद करने को कहा है.

उल्लेखनीय है कि नेपाल की नव निर्वाचित सरकार ने पूर्व राजा को 12 जून 2008 तक शाही महल छोड़ने का निर्देश दिया था.

बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैविलैंड ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है पूर्व नरेश ने इन अफ़वाहों पर यक़ीन न करने को कहा कि उन्होंने महल की सम्पत्ति कहीं बाहर पहुँचाई है.

बीते हुए पर खेद नहीं

इस बीच शाही महल में काम करने वाले सौकड़ों कर्मचारियों में से एक ने बीबीसी से कहा कि वे कठिनाइयों से भरे समय की अपेक्षा कर रहे हैं.

लेकिन उन्होंने कहा कि जो बीत गया उस पर अफ़ोसोस करने से कोई फ़ायदा नहीं है और सरकार ने उन्हें नौकरी देने का वादा किया है.

महल में सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं.

ग़ोरतलब है कि नेपाल पर शाह राजशाही ने क़रीब 240 साल तक राज किया और पिछले हफ़्ते सदियों पुरानी यह राजशाही समाप्त कर दी गई.

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