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श्रीलंका की स्थिति 'गंभीर चिंता' का विषय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में युद्धविराम करवाने के लिए डीएमके और अन्य सहयोगी दलों के दबाव के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका की स्थिति को 'गंभीर चिंता' का विषय क़रार दिया और श्रीलंका सरकार से बातचीत के ज़रिए मसले का हल निकालने की अपील की. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका सरकार से अपील करते हुए कहा कि वो 'सैन्य जीत' की जगह वार्ताओं के ज़रिए मसले का हल निकालने की कोशिश करे. उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों और सरकारी सेनाओं के बीच चल रहे संघर्ष में आम तमिल लोगों की स्थिति गंभीर होती जा रही है और इसी मुद्दे पर सरकार की सहयोगी डीएमके के सांसदों ने इस्तीफ़े की धमकी दी है. पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि की पुत्री कनीमोली ने इसी मुद्दे पर राज्यसभा से इस्तीफ़ा भी अपने पिता को सौंप दिया है. दिल्ली में भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका के एक सम्मेलन के बाद प्रेस कांफ्रेंस में सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीलंका में तमिलों के मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए. उनका कहना था, '' श्रीलंका की स्थिति भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है. हमें चिंता है कि संघर्ष के कारण हज़ारों की संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हैं.''
प्रधानमंत्री का कहना था, '' हमने हमेशा माना है कि श्रीलंका में जो स्थिति है वैसे में वहां की सरकार को सैन्य जीत की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बातचीत के ज़रिए ऐसा राजनीतिक समाधान निकाला जाना चाहिए जो श्रीलंका की एकता और अखंडता का सम्मान करे और अल्पसंख्यकों खासकर तमिल समुदाय के मानवाधिकारों की रक्षा करे. '' प्रधानमंत्री ने भारत और श्रीलंका के बीच समुद्र में भारतीय मछुआरों के मारे जाने पर भी चिंता व्यक्त की है. इन मुद्दों पर पिछले हफ्ते भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने श्रीलंका के राजदूत से मुलाक़ात भी की थी. इससे पहले दिन में तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके और उसके कुछ सहयोगी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने श्रीलंका में युद्धविराम न करवाया तो सभी सांसद इस्तीफ़ा दे देंगे. डीएमके की राज्यसभा सांसद और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनीमोली ने प्रतीक के तौर पर अपना इस्तीफ़ा अपने पिता को भेज भी दिया है. इन दलो ने केंद्र की यूपीए सरकार को कार्रवाई के लिए दो हफ़्तों का समय दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें कोलंबो में आत्मघाती हमला, एक की मौत 09 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाः आत्मघाती हमले में 27 की मौत06 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका से दो लाख लोग विस्थापित04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'सेना जीत के क़रीब'26 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस विद्रोहियों का विमान मार गिराने का दावा09 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'सौ से ज़्यादा तमिल विद्रोही मारे गए' 11 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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