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'अफ़ग़ानिस्तान में सेना की जीत नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में तैनात उच्च ब्रिटिश कमांडर ने कहा है कि ब्रिटेन को अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ अपनी सेना की निर्णायक जीत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. ब्रिगेडियर मार्क कार्लेटन-स्मिथ ने संडे टाइम्स को बताया कि इस मिशन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि अफ़ग़ान सेना स्वयं अपने देश को संभाल सके. उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय सेनाएं अफ़ग़ानिस्तान से चली जाएंगी, तब भी ग्रामीण स्तरों पर नियमित रूप से चलने वाली विद्रोह की घटनाएं होती रह सकती हैं. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सेनाओं से यह उम्मीद करना बेमानी होगा कि वे देश से हथियारबंद विद्रोहियों का सफ़ाया कर देंगी. हिंसा न रहे विकल्प ब्रिगेडियर स्मिथ 16वीं एयर एसॉल्ट ब्रिगेड के कमांडर हैं जिसने अभी अफ़ग़ानिस्तान में अपना दूसरा दौरा पूरा किया है. उन्होंने कहा, "हम इस युद्ध को नहीं जीत पाएँगे. हम चाहते हैं कि विद्रोह की घटनाएं इस स्तर तक घट जाएं कि इन्हें अफ़ग़ान सेना संभाल सके." हालांकि ब्रिगेडियर ने कहा कि 2008 में उनकी सेना ने तालेबान को कमज़ोर किया है. ब्रिगेडियर स्मिथ ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि बातचीत के माध्यम से कैसे समस्या का समाधान किया जाए ताकि हिंसा ही लोगों का एकमात्र विकल्प न रहे. उन्होंने कहा, "अगर तालेबान राजनीतिक समझौते के लिए बातचीत को तैयार हों तो यह एक ऐसा तरीक़ा हो सकता है जिससे विद्रोह की घटनाएं समाप्त हो जाएं." अफ़ग़ानिस्तान में 2001 में जब से अंतरराष्ट्रीय सेनाओं का ऑपरेशन शुरू हुआ है, ब्रितानी सेना के 120 जवान मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें हमले की जाँच में अमरीका भी शामिल31 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस दस फ्रांसीसी सैनिक मारे गए19 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस हिंसा से चिंतित राहत एजेंसियाँ01 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में 21 लोगों की मौत13 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस नैटो का चरमपंथी ठिकाने पर हमला12 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस क़ाबुल में ज़बर्दस्त आत्मघाती विस्फ़ोट07 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस हेलमंद में आत्मघाती हमला, 10 मरे20 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में सेना बढ़ाने की तैयारी05 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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