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मालेगाँव और मोडासा में धमाके | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र के मालेगाँव और गुजरात के मडोसा शहर में हुए धमाकों में सात लोग मारे गए हैं. धमाके के बाद मालेगाँव में हुई पुलिस फ़ायरिंग में तीन लोग घायल हुए. दोनों धमाकों में लगभग 75 लोग घायल हुए हैं. मालेगाँव में प्रशासन ने कर्फ़्यू लगा दिया है और वहाँ स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. मंगलवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सुरक्षा की व्यवस्था बढ़ाने के बावजूद यह धमाका हो गया. उन्होंने कहा कि इन धमाकों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच दरार पैदा करना और दंगा भड़काना है. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. नवरात्र और ईद के त्योहार को देखते हुए देश के बाक़ी शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं. ये दोनों धमाके उन इलाक़ों में हुए हैं जो सांप्रदायिक रुप से काफी संवेदनशील माने जाते हैं. मालेगाँव में हुए धमाके में पाँच और गुजरात के साबरकाँठा ज़िले के मडोसा में हुए धमाके में दो लोग मारे गए हैं. मालेगाँव धमाका मालेगाँव शहर में धमाका रात लगभग साढ़े नौ बजे भीखू चौक पर नूरानी मस्जिद के बाहर हुआ. जहाँ धमाका हुआ वहाँ एक मोटरसाइकिल मिली है और आशंका जताई जा रही है कि विस्फोटक उसी में रखा गया होगा.
बीबीसी संवाददाता रेहाना बस्तीवाला के मुताबिक धमाके के बाद भारी संख्या में स्थानीलय लोग जमा हो गए और पुलिस के ख़िलाफ़ नारेबाजी शुरु कर दी. देखते ही देखते पुलिस और भीड़ के बीच झड़पें शुरु हो गई. स्थानीय निवासी फ़हीम ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने फ़ायरिंग की जिसमें तीन लोग बुरी तरह जख़्मी हो गए. बम धमाके में घायल लोगों को चार अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. फ़रहान अस्पताल के डॉक्टर आरिफ़ फ़राज़ अहमद ने बताया कि घायलों की हालत देखने से यही पता चलता है कि उनकी चोट बम धमाके की वजह से है. घायलों में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी वीरेश प्रभु भी है जिन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है. वर्ष 2006 में सितंबर में ही यहाँ धमाके हुए थे, जिसमें 38 लोग मारे गए थे. मडोसा में धमाका उधर गुजरात के साबरकाँठा ज़िले के मोडासा शहर में हुए धमाके में दो लोग मारे गए और सात अन्य घायल हुए हैं.
पुलिस अधीक्षक राजेंद्र ब्रह्मभट्ट के अनुसार यह बम मोटरसाइकिल पर रखा गया था और इसमें टाइमर का इस्तेमाल किया गया. जिस इलाक़े में विस्फोट हुआ है उसके आगे हिंदुओं का मोहल्ला है. यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब मंगलवार से गुजरात में सबसे बड़ा त्यौहार नवरात्र शुरु हो रहा है और उसके अगले दिन ईद मनाई जानी है. स्थानीय पत्रकार अजय उमठ का कहना है कि धमाके के बाद क्राइम ब्रांच के साथ फ़ोरेंसिक टीम वहाँ पहुँची. जाँच करने वाले अधिकारियों का कहना है कि धमाके में इस्तेमाल बम मोटरसाइकल की टंकी में रखा हुआ था और इसमें अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ. यह बम लोहे के फर्मे में फिट किया गया था जिसे टाइमर से जोड़ा गया. इसी वर्ष 26 जुलाई को अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार धमाकों में 49 लोग मारे गए थे और डेढ़ सौ से ज़्यादा घायल हुए थे. इन धमाकों में इस्तेमाल किए गए बम लकड़ी के फ्रेम में रखे गए थे. सोमवार सुबह ही अहमदाबाद के रेवड़ी बाज़ार इलाक़े से 17 देसी बम बरामद किए गए थे जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया. |
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